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गोरखपुर: BRD के हर दर्द से वाकिफ मुख्यमंत्री योगी ने बदल दी सूरत, इलाज का बना बड़ा केंद्र

Sat, 05 Nov 2022 10:21 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Nov 2022 10:21 AM IST
सार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे अपने जुड़ाव का रजत जयंती समारोह भी मनाएंगे। करीब ढाई दशक से मुख्यमंत्री इसके हर दर्द से वाकिफ रहे हैं।

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BRD Medical College made a big center of treatment in Purvanchal
गोरखपुर में सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे अपने जुड़ाव का रजत जयंती समारोह भी मनाएंगे। करीब ढाई दशक से मुख्यमंत्री इसके हर दर्द से वाकिफ रहे हैं। सांसद के रूप में बीआरडी के लिए हमेशा आवाज बुलंद की और मुख्यमंत्री बनते ही मुक्कमल इलाज की व्यवस्था भी की। पूर्व की सरकारों के उपेक्षित रवैये से जो मेडिकल कॉलेज बदहाल हो था, वह बीते साढ़े पांच साल में पूर्वांचल के लोगों के इलाज का बड़ा केंद्र बन चुका है।



बीआरडी मेडिकल कॉलेज का स्वर्ण जयंती और रजत जयंती समारोह पांच नवंबर को आयोजित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। नब्बे के दशक में कॉलेज की बदहाली जब चरम पर पहुंचने लगी तब पहली बार संजीदगी से सुध ली गई और इस सुध लेने का श्रेय योगी आदित्यनाथ को जाता है।

 

BRD Medical College made a big center of treatment in Purvanchal
BRD - फोटो : अमर उजाला।

योगी आदित्यनाथ को 1998 में पहली बार सासंद बनने के पहले ही कॉलेज की उपेक्षा का पता चल चुका था। सांसद बनने के बाद से मार्च 2017 में मुख्यमंत्री बनने तक संसद का कोई भी ऐसा सत्र नहीं था जब उन्होंने बीआरडी मेडिकल कॉलेज की समस्याओं को उठाया न हो। कई बार उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए मेडिकल कॉलेज से कलेक्ट्रेट और कमिश्नरी तक जनता को साथ जोड़कर चिलचिलाती धूप में पैदल मार्च भी किया। उनके आंदोलनों और संसद में उठाए गए मुद्दों से स्थितियां कुछ बदली भीं, लेकिन जनविश्वास बहाली लायक स्थिति तब बनी जब राज्य की कमान साढ़े पांच साल पहले खुद उनके हाथों में आई।

 

BRD Medical College made a big center of treatment in Purvanchal
इंसेफेलाइटिस वार्ड का निरीक्षण करते सीएम योगी। (file) - फोटो : अमर उजाला।

इंसेफेलाइटिस के कहर के रहे साक्षी, काबू करने का भी श्रेय
पूर्वी उत्तर प्रदेश में चार दशक तक कहर बरपाने वाले इंसेफेलाइटिस के इलाज का सबसे बड़ा केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज ही रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बीमारी को खत्म करने के लिए काफी लड़ाई लड़ी। उनके ही प्रयासों से वर्ष 2005-06 में इसके लिए टीकाकरण शुरू हुआ। हर साल 1,500 मासूम इंसेफेलाइटिस (जेई और एईएस) से मौत का शिकार हो जाते थे। 2017 में मुख्यमंत्री बने तो इस पर काबू पाने के लिए रणनीति बनाई। इसका असर यह हुआ कि मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2017 में कुल 2,247 मरीज भर्ती हुए थे, जिसकी मृत्यु दर 25 से 30 प्रतिशत थी। जबकि, वर्ष 2022 में माह अक्तूबर तक एईएस के कुल 125 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से 95 फीसद से अधिक को ठीक कर घर भेजा जा चुका है।

कोरोना मरीजों के इलाज का बड़ा केंद्र बनकर उभरा
मुख्यमंत्री की पहल पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज कोरोना मरीजों के इलाज का बड़ा केंद्र बनाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 250 बेड आईसीयू एवं 250 बेड आइसोलेशन वाले डेडीकेटेड कोविड हॉस्पिटल को क्रियाशील किया गया। कोरोना महामारी के बीच 4,500 मरीजों का इलाज किया गया। जांच के लिए बीएसएल 3 लैब की स्थापना भी की गई। अभी तक लगभग 21 लाख रोगियों की जांच माइक्रोबायोलॉजी विभाग में एवं 11 लाख रोगियों की जांच आरएमआरसी में की जा चुकी है।

 

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BRD - फोटो : अमर उजाला।

मेडिकल एवं पैरामेडिकल एजुकेशन को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री बनने के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मेडिकल और पैरामेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा मिल रहा है। वर्तमान में यहां एमबीबीएस की 150 सीटों पर पढ़ाई हो रही है, जिसे बढ़ाकर 250 तक ले जाने की कार्ययोजना तैयार हो रही है। बी-फार्मा में गत तीन वर्ष से तथा बीएससी नर्सिंग में गत वर्ष से पढ़ाई शुरू की जा चुकी है। पैरामेडिकल पाठ्यक्रम के संचालन हेतु 380 छात्रों के प्रवेश के लिए स्टेट मेडिकल फैकल्टी एवं शासन से अनुमति मिल गई है।

सुपर स्पेशियलिटी सेवा हुई शुरू
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेवा भी शुरू हो चुकी है। इनमें कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, सर्जिकल ऑकोलॉजी एवं यूरोलॉजी विभाग में मरीज देखे जा रहे हैं। आधुनिक सात मॉड्यूलर ओटी के द्वारा न्यूरो सर्जरी, कैंसर सर्जरी, स्पाइनल सर्जरी, कैथ लैब, पेसमेकर, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी शुरू हो चुकी है। करीब 250 एंजियोग्राफी, 160 एंजियोप्लास्टी व 32 पेसमेकर लगाकर मरीजों की जानें बचाई जा चुकी हैं। बीआरडी की ओपीडी में प्रतिवर्ष लगभग सात लाख मरीजों को देखा जाता है, जिनमें से आईपीडी में 60 से 65 हजार मरीज प्रतिवर्ष भर्ती होते हैं।

 

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BRD - फोटो : अमर उजाला।

स्वर्ण जयंती द्वार का लोकार्पण और हॉस्टल का शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वर्ण जयंती द्वार (मेन गेट) का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर उनके हाथों फार्मेसी एवं नर्सिंग कॉलेज के छात्रों के लिए 200 सीटर हॉस्टल के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में 100 बेड वाला लेवल वन का ट्रामा सेंटर क्रिटिकल केयर ब्लॉक भी बनना है। इसके लिए 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री इस संबंध में कोई बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं।
 

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे अपने जुड़ाव का रजत जयंती समारोह भी मनाएंगे। करीब ढाई दशक से मुख्यमंत्री इसके हर दर्द से वाकिफ रहे हैं।

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