गोरखपुर के चिलुआताल थानाक्षेत्र के बरगदवां निवासी प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। जांच में पता चला है कि नामजद आरोपी दीपक गौड़ और मुख्य हत्यारोपी राज चौहान के बीच पिछले छह महीनों में करीब 35 बार फोन पर बातचीत हुई थी।
इस खुलासे के बाद पुलिस का शक और गहरा गया है कि हत्या पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस हत्या में प्रयुक्त मुर्गा काटने वाला एक चाकू भी हत्यारोपियों के निशानदेही पर बरामद कर ली है।
2 of 15
मृतक राजकुमार चौराह और सीसीटीवी में कैद दोनों हत्यारोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, राज चौहान छह माह पहले तक दीपक गौड़ का डंपर चलाता था और दोनों के बीच पुराने संबंध रहे हैं। इसबीच वह किसी और का एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से डंपर चलाता था। वारदात की रात भी वह डंपर चलाने गया था।
3 of 15
रोते बिलखते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
देर रात जब उसकी मां निर्मला देवी ने उसके मोबाइल पर कॉल कर आने की बात पूछी तो उसके डंपर मिट्टी में फंसने का हवाला देते हुए अगले दिन आने की बात कहते हुए फोन काट दिया था। मंगलवार सुबह राज ने अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर रामकुमार की हत्या कर मौके से भाग निकला था।
4 of 15
रोती बिलखती पत्नी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के अनुसार राज हाल ही में मछली पालन का व्यवसाय शुरू करने की तैयारी में था और इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क फिर से बढ़ा। कॉल डिटेल्स से यह स्पष्ट हुआ है कि बीते छह महीनों में दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही, जिससे पुलिस इस एंगल को गंभीरता से जांच रही है। पुलिस ने हत्यारोपी राज के निशानदेही पर उसके घर से हत्या में प्रयुक्त मुर्गा काटने वाला चाकू भी बरामद कर ली है। जिसे जांच के लिए फाॅरेंसिक लैब भेजा गया है।
5 of 15
भाजपा नेता की हत्या
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सबूत मिटाने के लिए जला दिए थे खून से सने कपड़े
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों सबूत मिटाने की भी साजिश रची गई थी। जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद राज और उसके साथी विपिन यादव ने खून से सने कपड़ों को नष्ट करने की योजना बनाई। दोनों ने एक परिचित के माध्यम से उन कपड़ों को जलवा दिया, ताकि पुलिस को कोई ठोस सबूत न मिल सके।