उदयपुर की तर्ज पर गोरखपुर भी लेक सिटी के तौर पर विकसित होगा। 1700 एकड़ में फैले रामगढ़ ताल के सुंदरीकरण के साथ ही करीब 700 एकड़ क्षेत्रफल वाले चिलुआताल को भी संरक्षित करने और पर्यटन के लिहाज से विकसित करने का काम चल रहा है। साफ-सफाई के बाद रामगढ़ ताल की ही तरह चिलुआताल के पास भी एक और नया सवेरा विकसित किया जाएगा। शहर ही नहीं बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटक भी वाटर स्पोर्ट्स समेत कई गतिविधियों का आनंद उठा सकेंगे। इसी तरह शहर के अन्य छोटे-बड़े तालाबों का भी संरक्षण एवं सुंदरीकरण होगा। जिला प्रशासन इनकी सूची तैयार कर रहा है। जल्द ही प्रस्ताव तैयार करने के साथ इन तालाबों के कायाकल्प में आने वाली अड़चनों को एक-एक दूर किया जाएगा।
अमर उजाला में बेस संवाद का आयोजन, उदयपुर की तरह 'लेक सिटी' बनेगा गोरखपुर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला के बिजनेस एकेडमिक एंड सोशल आंत्रपेन्योर (बेस) एक्टिविटी के तहत शनिवार को सिटी कार्यालय में गोरखपुर एवं आसपास के जिलों में पर्यटन की वर्तमान स्थिति, संभावना, चुनौतियां और समाधान विषय पर आयोजित संवाद में मंथन से विचारों के ये बहुमूल्य मोती निकले। अलग-अलग क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले तीन सालों में गोरखपुर, पूरे पूर्वांचल ही नहीं बल्कि प्रदेश में भी पर्यटन के एक बड़े हब के तौर पर विकसित हो रहा है। इसे और भव्य स्वरूप देने के लिए यहां तमाम संसाधन मौजूद हैं। जरूरत है तो अपनी पुरानी धरोहरों, सभ्यता, संस्कृति और पर्यावरण के लिहाज से समृद्ध कुसम्ही आदि जंगलों की अहमियत समझने और उन्हें संरक्षित करने की। गोरखपुर के पास अपनी विरासत है। इसकी ख्याति देश, दुनिया में है।
पर्यटन को नया पंख देने के लिए सभी का सहयोग जरूरी
पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्यालय होने की वजह से दिल्ली, मुंबई, पंजाब, जम्मू, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत देश के कई कोनों से डेढ़ सौ के करीब ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं का विस्तार हो गया। नई दिल्ली के लिए तीन फ्लाइटें हो गई हैं तो मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, प्रयागराज शहर, एयर कनेक्टिविटी से जुड़ गए हैं। कई अन्य शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू होने वाली है। एम्स संचालित होने लगा तो है तो मार्च में ही आयुर्वेद विश्वविद्यालय की नींव पड़ जाएगी। मेडिकल टूरिज्म, होटल टूरिज्म, धार्मिक टूरिज्म और रंगकर्म का बढ़ता दायरा, ये सभी जुड़कर, गोरखपुर में पर्यटन की उड़ान को नया पंख दे रहे हैं। पर्यटक अब गोरखपुर होकर कुशीनगर, लुंबिनी, नेपाल जा रहे हैं। पुलिस, पर्यटकों को सुरक्षा देने के साथ ही ट्रैफिक सिस्टम दुरुस्त करने में जुटी है। एक अच्छे नागरिक के तौर पर हमें भी ट्रैफिक नियमों का पालन करने के साथ ही शहर को साफ-सुथरा रखना होगा।
लेक सिटी के तौर पर विकसित करने की कवायद शुरू
गोरखपुर तेजी से बदल रहा है। चिकित्सा, यातायात, शिक्षा, सड़कों के चौड़ीकरण के साथ ही यह शहर बड़े पर्यटन हब के तौर पर विकसित हो रहा है। गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रामगढ़ ताल, तारामंडल, बौद्ध संग्रहालय, तरकुलहा देवी मंदिर, विनोद वन, बिस्मिल की शहीद स्थली के साथ ही ऐतिहासिक चौराचौरा स्मारक समेत बहुत सी धरोहरें पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मौजूद हैं। गोरखपुर से कुछ दूर कुशीनगर, लुंबिनी के अलावा नेपाल है। पर्यटन के लिहाज से गोरखपुर को और समृद्ध बनाने की दिशा में रामगढ़ ताल के बाद कई अन्य तालाबों का कायाकल्प करने की भी योजना बन रही है। चिलुआताल को सुरक्षित एवं उसके सुंदरीकरण की कवायद शुरू भी हो गई है। उदयपुर की तरह गोरखपुर को लेक सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। गौरव सिंह सोगरवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर
सेफ होगा गोरखपुर तो आएंगे पर्यटक
किसी भी पर्यटन केंद्र की लोकप्रियता उस क्षेत्र के सुरक्षित माहौल पर निर्भर करती है। लिहाजा हम गोरखपुर की पहचान देश-विदेश के पर्यटन नक्शे पर सेफ सिटी के तौर पर बनाना चाहते हैँ। गोरखपुर की पहचान धार्मिक नगरी के तौर पर भी है। गोरखनाथ मंदिर, तरकुलहा देवी, झारखंडी मंदिर समेत इमामबाड़ा, गीता प्रेस, गीतवाटिका की वजह से लाखों की तादात में पर्यटक शहर में आते हैं। सरकार की ओर से शहीद स्थल, प्राचीन मंदिरों की दशा को सुधारा जा रहा है। लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है। खासकर रामगढ़ ताल के आसपास पर्यटकों की सुरक्षा के खास इंतजाम हैं। इसी लिहाज से रामगढ़ ताल थाना खुला। नौकायन केंद्र पुलिस चौकी भी बना दी गई। 14 सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली जाती है। शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने की कोशिश जारी है। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जा रहा है। नौ चौराहों पर तकनीक का परीक्षण चल रहा है। 11 और चौराहों पर ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। गोरखपुर में पर्यटन का हब बनने की सभी विशेषताएं हैं। बस एक समवेत प्रयास की जरूरत है। जो इस समय सभी स्तरों पर दिखाई भी दे रहा है। डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी