क्रिकेट में सुनहरे भविष्य का सपना देखने वाले पूर्वांचल के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए अब दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसी महीने पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और मशहूर गेंदबाज आशीष नेहरा अपनी एकेडमी की ब्रांच दिल्ली पब्लिक स्कूल, मानीराम में खोलने जा रहे हैं। 2003 के विश्वकप में आशीष नेहरा ने अपनी गेंदबाजी के दम पर टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचाया था।
2003 विश्वकप में थे टीम इंडिया की जान, अब यूपी के इस शहर के बच्चों को सिखाएंगे क्रिकेट
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एकेडमी से प्रशिक्षण हासिल करने का मौका स्कूल के विद्यार्थियों के साथ साथ बाहरी बच्चों को भी मिल सकेगा। एक बैच में 200 खिलाड़ियों का पंजीकरण होगा। पंजीकरण फार्म स्कूल से सौ रुपया निर्धारित शुल्क जमा हासिल करके लिया जा सकता है। बालक- बालिकाओं के लिए अलग-अलग बैच चलाए जाने पर विचार चल रहा है।
लक्ष्य स्पोर्ट्स एकेडमी, आतिफ क्रिकेट एकेडमी, टीडीएम एकेडमी, उदया एकेडमी, एनएस क्रिकेट एकेडमी के अलावा नीना थापा इंटर कॉलेज, सहारा इस्टेट और एमजी इंटर कॉलेज में भी क्रिकेट एकेडमी का संचालन हो रहा है। रजिस्टार दिल्ली पब्लिक स्कूल सोसायटी नीरजा शिवपुरी ने कहा कि दिल्ली पब्लिक स्कूल का आशीष नेहरा क्रिकेट एकेडमी से करार हुआ है। इसके तहत प्रयागराज, नोएडा, लखनऊ समेत विभिन्न जगहों पर मौजूद डीपीएस स्कूलों में एकेडमी का सकुशल संचालन हो रहा है। इस कड़ी में डीपीएस मानीराम में एकेडमी की शुरूआत 20 मार्च को होगी।
टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने 16 साल पहले डरबन के मैदान पर इतिहास रचा था। नेहरा ने साल 2003 वर्ल्ड कप के 30वें मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 6 विकेट चटकाए थे। वर्ल्ड कप में यह किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस मैच में नेहरा ने 23 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए थे। इतना ही नहीं, नेहरा भारत की ओर से वनडे में दो बार 6 विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं। नेहरा ने दो साल बाद यानी 2005 में श्रीलंका के खिलाफ 59 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे।
बता दें कि इस मुकाबले में नेहरा की काफी तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें बार-बार उलटियां हो रही थीं। खुद को एक्टिव रखने के लिए नेहरा लगातार केले और एनेर्जी ड्रिंक्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बावजूद तेज गेंदबाज ने हार नहीं मानी। भारत के खिलाफ 251 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड का स्कोर 52/2 था। तभी 17वें ओवर में नेहरा ने दो विकेट चटकाए और इंग्लैंड का स्कोर 52/4 हो गया। इसके बाद नेहरा की स्विंग गेंदबाजी का ऐसा तूफान उठा कि अंग्रेज हथियार डालते चले गए।