अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने ‘हैप्पीनेस पाठ्यक्रम’ को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गोरखपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय चिलबिलवां में शिक्षक (अब प्रति नियुक्ति पर दिल्ली में तैनाती)श्रवण कुमार के सपनों को पंख दे दिया है। श्रवण कुमार का कहना है कि पाठ्यक्रम तैयार करने में 20 लोगों की टीम ने कड़ी मेहनत की है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली तो सब उत्साहित हैं। जब अमेरिका की फर्स्ट लेडी स्कूल आईं तो कोर टीम वहीं थी। सबकी मौजूदगी में ही मेलानिया ने पाठ्यक्रम की सराहना की।
मेलानिया दे गईं मेहनत और हौसले को 'पंख', गोरखपुर के शिक्षक ने बनाया था 'हैप्पीनेस पाठ्यक्रम'
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कुछ दिन नाटक, गाना और म्यूजिक सुनाने का दौर चलेगा, फिर सब कुछ बंद हो जाएगा। मगर टीम को अपने प्रयासों पर भरोसा था। लेडी ट्रंप मेलानिया का ये दौरा टीम के सदस्यों के जुनून और हौसले को पंख दे गया है। अब इसे और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। पाठ्यक्रम को तैयार करने के दौरान विशेषज्ञ अग्रहार नागराज ने कहा था कि पाठ्यक्रम ऐसा तैयार किया जाए जो वैश्विक स्तर का हो। उनका साथ तो छूट गया, मगर खुशी है कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
श्रवण कुमार के मुताबिक हाल ही में नेपाल के आठ लोगों का प्रतिनिधिमंडल स्कूलों का दौरा कर ‘हैप्पीनेस पाठ्यक्रम’ तैयार करने का प्रस्ताव रख चुका है। यूनाइटेड अरब अमीरात और अफगानिस्तान पहले ही इसका प्रस्ताव दे चुके हैं। पाठ्यक्रम को आंध्र प्रदेश के स्कूलों में तेलगू में लागू किया गया है। अंग्रेजी में भी अनुवाद किया जा रहा है ताकि इसे इसके असली लक्ष्य तक पहुंचाया जा सके।
12 लाख बच्चों तक पहुंच
श्रवण के मुताबिक वर्ष 2016 में दिल्ली सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर बुलाया। इसके बाद पाठ्यक्रम को तैयार करने का सिलसिला शुरू हुआ। दो साल से दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 12 लाख विद्यार्थी इसका लाभ ले रहे हैं।
भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री ने दी बधाई
पूर्वांचल का नाम रोशन करने पर भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री प्रदीप शुक्ला ने अपने भाई और शिक्षक श्रवण कुमार शुक्ला को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वो शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं।
ये है पाठ्यक्रम का मकसद
मकसद बच्चों को संस्कार देना है। पढ़ाई के साथ ही भाषा, साक्षरता, गणना, कला और अनुभूति जैसे गुणों का विकास करना है। कक्षाओं के दौरान ऐसी एक्टिविटी कराई जाती है, जिनसे खेल खेल में वो जागरूक और बुद्धिमान बनें। बिना दबाव के पढ़ाई कर सकें। कठिन परिस्थितियां आएं तो भी उससे उबर सकें।