गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन और पैडलेगंज से नौसड़ सिक्स लेन निर्माण की मियाद फिर बीत गई, लेकिन काम अधूरा है। इन सड़कों का निर्माण जून अंत तक पूरा करने का दावा किया गया था। गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन कब बनकर तैयार होगा, इसका जवाब नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पास नहीं है। इस मार्ग को तीन वर्षों में बन जाना चाहिए था, मगर पिछले छह वर्षों से बन रहा है। वहीं, सिक्स लेन निर्माण की मियाद बढ़ाकर अब अक्तूबर कर दी गई। कार्यदायी संस्थाएं जो भी दावे करें, लेकिन पड़ताल में सामने आ रहा है कि दोनों ही मार्ग इस साल दिसंबर तक बनकर तैयार नहीं हो पाएंगे।
अमर उजाला पड़ताल: गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन सड़क निर्माण में खेल, दावे फिर हुए फेल
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पूरा होने से पहले उखड़ने लगा फोरलेन
वर्ष 2016 में गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन की आधारशिला पड़ी थी। तीन साल में बनकर तैयार होना था। इस बीच डीएम, कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक ने काम करा रही फर्म जेपी इंफ्रास्ट्रक्चर को कई बार फटकार लगाई। सुस्ती का मामला संसद में उठा। पीएम कार्यालय तक से शिकायत हुई, मगर काम सुस्त गति से ही चलता रहा।
यहीं नहीं, काम पूरा होने से पहले सड़क जगह-जगह उखड़ने लगी। इसका खामियाजा राहगीरों को उठाना पड़ रहा है। वाराणसी से गोरखपुर, नेपाल, कुशीनगर को जोड़ने वाली इस सड़क पर रोजाना लाखों लोग यात्रा करते हैं। 65 किलोमीटर लंबे फोरलेन के निर्माण पर 1031 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
गोरखपुर से कौड़ीराम के बीच इस फोरलेन पर जितने हिचकोले हैं, उतनी गांव की सड़क पर भी नहीं है। कसिहार चौराहे से कौड़ीराम के बीच छोटे-बड़े छह पुल हैं। इनमें से अभी किसी का भी काम पूरा नहीं हुआ है। कहीं पुल की दूसरी लेन का काम बाकी है, कहीं रेलिंग, तो कहीं दोनों लेन पर सड़क का निर्माण।
आमी नदी पर बन रहे तीन तक्खा पुल का एप्रोच व स्लैब ढालने का काम चल रहा है। इसे बनने में एक सप्ताह से अधिक का समय लग जाएगा। वहीं, निर्माणाधीन पंद्रह तक्खा पुल के दोनों छोर पर एप्रोच का कार्य चल रहा है। पुल के दोनों छोर पर सड़क भी नहीं बनी है। नकबैठा पुल को बनने में एक महीने से अधिक का समय लगेगा। बगहाबीर बाबा मंदिर के पास पुल नंबर 075 और 193 का एप्रोच का काम चल रहा है। गडर रखना बाकी है। दोनों पुलों पर रेलिंग लगाने का काम बाकी है।
तोड़ी जा रही सड़क
हर 10 मीटर पर कई जगह सड़क टूट कर खिसक जाने से महोब बंधे से ऊंचगांव तक एक तरफ की करीब एक किलोमीटर की सड़क तोड़ी जा रही है। इस काम को शुरू हुए दो महीने हो गए, मगर निर्माण कार्य शुरू होना तो दूर तोड़े जाने और मलबा हटाने का काम भी नहीं पूरा हुआ। बाघागाड़ा से महावीर छपरा के बीच सड़क किनारे डिवाइडर का काम भी कई जगहों पर अधूरा है।
सरयू पुल के निर्माण में लग जाएंगे दो से तीन माह
बड़हलगंज से फोरलेन बाईपास पर ओझवली से दोहरीघाट सरयू पुल के निर्माण में करीब तीन महीने लग जाएंगे। बारिश शुरू हुई तो इस पुल का काम लगभग ठप हो जाएगा। वहीं, इस पुल के निर्माण में देरी के चलते आए दिन पटना तिराहे पर जाम की समस्या बनी हुई है। कौड़ीराम के पास बाईपास का काम अधूरा है। इसके पूरा होने तक फोरलेन पर फर्राटा भर पाना मुश्किल है।
समय को लेकर एनएचएआई ने खड़े किए हाथ
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का निर्माण जिले की सीमा में कब तक पूरा होगा, इसके समय निर्धारण के बारे में एनएचएआई ने हाथ खड़े कर दिए हैं। एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक सीएम द्विवेदी का कहना है कि जून 2022 तक निर्माण पूरा होने की बात कही गई थी, लेकिन काम कब तक पूरा होगा, कह पाना मुश्किल है। निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।