गोरखपुर जिले में अब रोजाना कोरोना के 8000 टेस्ट होंगे। संक्रमित के संपर्क में आने वाले सभी लोगों का कोविड टेस्ट भी कराया जाएगा। बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधी तैयारियों की समीक्षा के दौरान कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने ये निर्देश दिए।
कोरोना अलर्ट: गोरखपुर में मास्क नहीं पहनना पड़ेगा भारी, पकड़े जाने पर मिलेगी ये सजा
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उन्होंने कहा कि 50 वर्ष से अधिक आयु के संक्रमितों का ब्लड टेस्ट भी किया जाए। ब्लॉक स्तर की मेडिकल टीम हमेशा सक्रिय रहे। ऐसे संक्रमित जो होम आइसोलेशन में हैं, 48 घंटे के भीतर उनकी स्थिति जानी जाए, जरूरी दवा एवं परीक्षण किया जाए।
कमिश्नर ने कंटेनमेंट जोन के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया जाए। डीआईजी गोरखपुर रेंज ने मास्क न पहनने वालों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख बाजारों, चौराहों और सड़कों आदि पर औचक निरीक्षण कर यह जांचा जाए कि लोग मास्क पहन रहे हैं या नहीं। मास्क नहीं लगाने वालों का चालान काटा जाए साथ ही जागरूक भी किया जाए।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने पर्याप्त संख्या में कोविड हॉस्पिटल एवं डाटा इंट्री कार्य के लिए मानव संपदा एवं अन्य लॉजिस्टिक की व्यवस्था किए जाने का निर्देश दिया। बैठक में रेलवे, एयरफोर्स, एम्स एवं आईएमए के पदाधिकारियों से अनुरोध किया गया कि वे संक्रमण से बचाव में अपने स्तर पर प्रभावी योगदान दें।
अब मास्क लगाने वालों को ही मेडकिल स्टोर से मिलेंगी दवाएं
गोरखपुर में बिना मास्क पहनकर आए लोग अब मेडिकल स्टोर से दवा नहीं खरीद सकेंगे। यह निर्णय डीएम और एसएसपी के साथ बृहस्पतिवार को पंचायत भवन सभागार दवा विक्रेता समिति के पदाधिकारियों की हुई बैठक में लिया गया। दवा विक्रेता समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे व महामंत्री आलोक चौरसिया ने सभी थोक एवं फुटकर दवा विक्रेताओं से अपील की है कि दवाएं सिर्फ उसी को दें जो मास्क पहन कर आएं।