Smoothening Vs Straightening: लगातार बढ़ते प्रदूषण का असर अब लोगों के बालों पर दिखने लगा है। इसकी वजह से बाल काफी बेजान और डल दिखने लगते हैं। वैसे तो बाल प्राकृतिक ही अच्छे लगते हैं, लेकिन आजकल इन्हें और भी ज्यादा खूबसूरत बनाने के लिए काफी सारे हेयर ट्रीटमेंट आते हैं। यदि ये ट्रीटमेंट करा लिए जाएं तो बालों की चमक कई गुना बढ़ जाती है।
आजकल के ट्रेंड की बात की जाए तो आजकल हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग का काफी चलन है। बहुत सी महिलाएं सैलून स्टाफ के भरोसे ट्रीटमेंट ले लेती हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग कराने से पहले आपको खुद इस बारे में पता होना चाहिए।
यदि आप भी उन महिलाओं में से हैं, जिन्हें हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग में फर्क नहीं पता तो ये लेख आपके लिए है। यहां हम आपको हेयर स्ट्रेटनिंग और स्मूथनिंग में अंतर बताने जा रहे हैं।
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पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में
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पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में
हेयर स्ट्रेटनिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें बालों को पूरी तरह सीधा किया जाता है। हेयर स्ट्रेटनिंग में केमिकल और हीटिंग टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें बालों की नैचुरल वेव्स या कर्ल्स को हटाकर उन्हें पूरी तरह से स्ट्रेट कर दिया जाता है। हेयर स्ट्रेटनिंग के बाद बाल एकदम सीधे और चमकदार दिखते हैं।
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पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में
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स्ट्रेटनिंग के बाद बालों का लुक आर्टिफिशियल दिख सकता है। यह प्रक्रिया सामान्यतः 6-12 महीने तक टिकती है, जब तक बाल वापस से नेचुरल ग्रोथ नहीं कर लेते। यह जिद्दी कर्ल्स और फ्रिजी बालों को पूरी तरह से सीधा करता है, जिसके बाद बालों को मैनेज करना आसान हो जाता है।
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पहले जानें हेयर स्ट्रेटनिंग के बारे में
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इसके साथ ही आपको बता दें कि स्ट्रेटनिंग के लिए इस्तेमाल किए गए केमिकल बालों को डैमेज कर सकते हैं। हेयर स्ट्रेटनिंग की वजह से बालों का टेक्सचर कठोर और कमजोर हो सकता है। यह प्रक्रिया बालों की प्राकृतिक नमी छीन सकती है। जिनके बाल बहुत ज्यादा कर्ली या फ्रिजी होते हैं और वे एकदम स्ट्रेट लुक चाहते हैं।
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अब हेयर स्मूथनिंग के बारे में
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अब हेयर स्मूथनिंग के बारे में जानें
हेयर स्मूथनिंग एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें बालों को नरम, चमकदार और मैनेजेबल बनाया जाता है, लेकिन यह बालों की प्राकृतिक लहरों या कर्ल्स को पूरी तरह से नहीं हटाता। इसमें केरेटिन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें बालों की बाहरी सतह पर एक प्रोटीन कोटिंग दी जाती है।