ज्योति मौर्या
आजकल आर्टिफिशियल नेल्स यानी नेल एक्सटेंशन का चलन काफी बढ़ गया है। महिलाएं अपने हाथों की सुंदरता बढ़ाने के लिए इसका उपयोग करती हैं। आर्टिफिशियल नेल्स उन महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं हैं, जिनके नाखून की शेप अच्छी नहीं है या नाखून जल्दी नहीं बढ़ते। वैसे तो महिलाएं अक्सर खास मौकों पर आर्टिफिशियल नेल्स लगवाती हैं, लेकिन इस खूबसूरती के पीछे एक खतरा भी छिपा है।
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ढेर सारी खासियतें
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ढेर सारी खासियतें
आर्टिफिशियल नेल्स नेचुरल नाखूनों के ऊपर लगाए जाते हैं। ये तीन तरह के होते हैं- जेल, एक्रेलिक और सिल्क। इन तीनों ही तरह के नेल्स को अलग-अलग तरीके से लगाया जाता है और इनकी खूबसूरती और चमक भी भिन्न होती है। कई तरह के आर्टिफिशियल नेल्स केवल नाखूनों की लंबाई बढ़ाने या आकार सुधारने के लिए लगाए जाते हैं। आर्टिफिशियल नेल्स की खासियत है कि इन पर नेल पेंट लंबे समय तक टिके रहते हैं।
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ढेर सारी खासियतें
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नुकसान भी हैं
आर्टिफिशियल नेल्स देखने में बेहद खूबसूरत नजर आते हैं। हालांकि अगर इन्हें सही तरीके से न लगाया जाए तो ये आपके नेचुरल नाखूनों को कमजोर कर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं अगर आर्टिफिशियल नाखून लंबे समय तक लगे रहते हैं तो इससे नेचुरल नाखूनों को बढ़ने में समस्या होती है।
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ढेर सारी खासियतें
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कृत्रिम होने के कारण ये काफी मजबूत भी होते हैं, जिस वजह से कई बार आपको परेशानी होती है। कई बार इनमें पानी और गंदगी भी फंसकर रह जाती है, जिससे बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं और संक्रमण हो सकता है। इसलिए आपको इनकी अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
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नाखून में फंगस
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नाखून में फंगस
नाखून की फंगस को ओनिकोमाइकोसिस कहते हैं। यह एक आम संक्रमण है। इस संक्रमण में आपके नाखून के ऊपरी किनारे के नीचे छोटे, सफेद या पीले धब्बे बनना शुरू हो जाते हैं। धीरे-धीरे यह संक्रमण पूरे नाखून में फैल जाता है और उनका रंग बदल जाता है।