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Rajneesh Duggal: मुंबई में लगी होर्डिंग ने बदल दी किस्मत, कश्मीरी गेट का दुकानदार ऐसे बना बॉलीवुड का हीरो

Mon, 22 Aug 2022 07:48 AM IST
हर्षिता सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: हर्षिता सक्सेना Updated Mon, 22 Aug 2022 07:48 AM IST
सार

रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी सीजन 5' के विनर रहे अभिनेता रजनीश दुग्गल इन दिनों जी टीवी का धारावाहिक 'संजोग' कर रहे है। रजनीश दुग्गल ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनेंगे। 

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Tv serial sanjog Actor Rajneesh Duggal talks about his success story in an interview with amar ujala
अभिनेता रजनीश दुग्गल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी सीजन 5' के विनर रहे अभिनेता रजनीश दुग्गल इन दिनों जी टीवी का धारावाहिक 'संजोग' कर रहे है। रजनीश दुग्गल ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि वह फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनेंगे। उनकी दिलचस्पी शुरू से ही स्पोर्ट्स में रही। लेकिन जीवन यही है कि किस्मत कब आपको कैसे और कहां लाकर खड़ी कर दे, आपको खुद नहीं पता होता है। रजनीश दुग्गल के व्यक्तित्व को देखकर लोग उन्हें बॉलीवुड में आने की सलाह देते तो वह उनकी बात सुनकर हंसते थे। फिर कैसे मुंबई की सड़क पर लगी एक होर्डिंग ने उनकी किस्मत बदल दी, आइए जानते हैं खुद रजनीश दुग्गल से.. 

Tv serial sanjog Actor Rajneesh Duggal talks about his success story in an interview with amar ujala
अभिनेता रजनीश दुग्गल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

कश्मीरी गेट पर संभाली दुकान

पढ़ाई के साथ साथ रजनीश दुग्गल अपने पिता प्रदीप दुग्गल की दुकान भी संभालते थे। रजनीश दुग्गल कहते हैं, 'दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम करने के बाद मैं द्वारका के एवीजे स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन का कोर्स कर रहा था। आधे दिन मुझे वहां जाना होता था, उसके बाद कश्मीरी गेट के बस अड्डे के पास मेरी बेयरिंग की दुकान थी। द्वारका से कश्मीरी गेट तक मुझे आने में 45 मिनट से एक घंटे लगते। दोपहर के बाद पिता जी की दुकान संभालता या कहा जाए तो पिताजी की दुकान पर नौकरी करता था। दुकान और कॉलेज से जो समय बचता था, उसमें स्विमिंग  और जूडो की प्रैक्टिस करता था। मैं नेशनल स्तर पर जूडो खेल चुका हूं।'

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अभिनेता रजनीश दुग्गल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

इंडस्ट्री में आने का दूर दूर तक ख्याल नहीं 

जब रजनीश दुग्गल स्पोर्ट्स, पढ़ाई और दुकान में बिजी थे, उस समय दूर दूर तक इंडस्ट्री में आने का ख्याल तक उन्हें नहीं आया था। रजनीश दुग्गल कहते है, 'फिल्म ‘जिला गाजियाबाद' के निर्देशक आनंद कुमार के एक मित्र अक्सर मेरी दुकान के आसपास से गुजरते हुए मुझे देखते थे। एक दो बार उन्होंने देखा फिर मेरे दुकान पर आ गए और बोले, तुमको तो मुंबई में होना चाहिए। उनकी बात सुनकर मैं हंस रहा था क्योंकि मेरा कोई इंट्रेस्ट ही तब तक नहीं था। फिर एक बार मैं एक शादी में गया जहां मेरी मुलाकात दिल्ली की जानी मानी कोरियोग्राफर रश्मि रहमानी से हुई।' 

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अभिनेता रजनीश दुग्गल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

रैम्प वॉक से हुई शुरुआत

किस्मत आपको जहां ले जाना चाहती है, वैसा ही माहौल आपके आसपास बनने लगता है। रजनीश दुग्गल कहते है, 'जब मैं शादी में गया तो वहां  रिसेप्शन पर दिल्ली की जानी मानी कोरियोग्राफर रश्मि रहमानी मिली, उन्होंने मुझे देखा और बोला कि पर्सनालिटी ऐसी है कि तुम्हें तो स्टेज पर होना चाहिए? मेरी एक रिश्ते की बहन ने भी वहां मुझे इसके लिए उत्साहित किया। इसके बाद मैंने पहली बार रैंप वॉक किया तो मुझे अच्छा लगा, ऊपर से रश्मि मैडम ने एक लिफाफा पकड़ा दिया। मुझे लगा कि यह तो बहुत ही अच्छा काम है, सिर्फ इतने से काम के अच्छे पैसे मिल रहे हैं। उसके बाद मैने छह महीने के अंदर सत्तर से अस्सी शो कर लिए जिसमे कई टॉप के ब्रांड शामिल थे। उसके बाद 2003 में मैंने मिस्टर इंडिया का खिताब जीता। उसके बाद पक्का हो गया कि अब यही काम करना है।'

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अभिनेता रजनीश दुग्गल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

इस तरह से बदली किस्मत 

रजनीश दुग्गल कुछ ही अरसे में किटकैट, यामाहा, वीडियोकॉन जैसे कई ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग कर चुके थे। वह कहते है, 'मैं रेमंड्स का चेहरा बन गया था। मुंबई की सड़को पर कई जगह मेरी होर्डिंग लगी थी। एक दिन विक्रम भट्ट के ऑफिस से फोन आया। विक्रम भट्ट ने मेरी रेमंड्स वाली होर्डिंग देखी थी और उन्होंने ही अपने कास्टिंग विभाग को बोला कि इस रेमंड्स वाले लड़के को बुलाओ। मैं विक्रम भट्ट से मिला। मिलकर मुझे भी अच्छा लगा उन्हें भी अच्छा लगा। और पहली मीटिंग में ये फाइनल हो गया कि मैं फिल्म '1920' कर रहा हूं। उसके बाद हमने दो और फिल्मों की डील साइन की, फिल्म '1920' के बाद मैंने 'फिर' और 'डेंजरस इश्क' में काम किया।'  

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