28 जुलाई, 1983 को चेन्नई में जन्मे वेंकटेश प्रभु कस्तूरी राजा यानी धनुष आज के समय में किसी पहचान के मुहताज नहीं हैं। धनुष न सिर्फ साउथ और हिंदी बल्कि हॉलीवुड इंडस्ट्री में भी अपना जलवा बिखेर चुके हैं। हालांकि, आज धनुष जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचना इतना आसान नहीं था। धनुष ने महज 19 की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में कदम रख लिया था। करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बाद भी धनुष, अपने टैलेंट और सादगी भरे अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं। चलिए आज धनुष के जन्मदिन पर उनके पांच बेहतरीन किरदार के बारे में जान लेते हैं, जिसने उन्हें ग्लोबल स्टार बना दिया-
2 of 6
पुधुपेट्टई
- फोटो : सोशल मीडिया
1. पुधुपेट्टई
वर्ष 2006 की 'पुधुपेट्टई' क्राइम-एक्शन जॉनर की फिल्म है, जिसे तमिल भाषा में रिलीज किया गया था। मूवी का डायरेक्शन सेल्वाराघवन ने किया था। धनुष स्टारर इस फिल्म की कहानी 80 के दशक के डॉन ऑटो शंकर से मिलती-जुलती है। इस मूवी में धनुष लीड रोल में हैं। इस फिल्म की कहानी समेत धनुष की एक्टिंग को दर्शकों के जरिए खूब सराहा गया था।
3 of 6
आदुकलम
- फोटो : सोशल मीडिया
2. आदुकलम
वर्ष 2011 में रिलीज हुई तमिल फिल्म 'आदुकलम' पर्दे पर बड़ी हिट साबित हुई थी। मूवी में साउथ इंडिया के ऐसे गांव की कहानी दिखाई गई है, जहां मुर्गों को लड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, और यह वहां के लोगों के जीवनयापन का एक तरीका है। इस मूवी में धनुष लीड रोल में हैं। वहीं, उनके अलावा इसमें तापसी पन्नू, किशोर और वी. आई. एस. जयपालन जैसे सितारे भी हैं। फिल्म में धनुष के अभिनय को काफी पसंद किया गया था। 'आदुकलम' के लिए धनुष ने बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड भी अपने नाम किया था।
4 of 6
वडा चेन्नई
- फोटो : सोशल मीडिया
3. वडा चेन्नई
धनुष स्टारर तमिल क्राइम ड्रामा फिल्म 'वडा चेन्नई' को भी दर्शकों के जरिए खूब सराहा गया था। मूवी की कहानी एक ऐसे कैरम प्लेयर की है, जो जुर्म की दुनिया में कदम रखता है, और दो प्रतिद्वंदी गैंगस्टर्स के बीच एक गैंगवार में न चाहते हुए भी शामिल हो जाता है। 'वडा चेन्नई' को 'चेन्नई सेंट्रल' के नाम से भी जाना जाता है। इसमें धनुष के अलावा ऐश्वर्या राजेश और एंड्रिया मरिया भी लीड रोल में हैं।
5 of 6
असुरन
- फोटो : सोशल मीडिया
4. असुरन
वर्ष 2019 की फिल्म 'असुरन' में भी धनुष की एक्टिंग को काफी सराहा गया। इस पीरियड-एक्शन ड्रामा तमिल मूवी में धनुष ने एक किसान का किरदार निभाया था, जो अपने बेटे को ऊंची जाति के रसूखदारों से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करता है। एक पिता के रूप में बच्चे की रक्षा के लिए वह अपना गांव भी छोड़ देता है। इस तरह इस फिल्म में एक पिता के संघर्ष की जर्नी देखने को मिलती है, जो अपने परिवार को बचाने के लिए किसी भी परेशानी से लड़ने को तैयार रहता है।