अनुराग कश्यप के नाम का सिक्का हिंदी सिनेमा में अब तक भुनाया जा रहा है और ये इसके बावजूद कि उनकी अपनी निर्देशित फिल्म ‘केनेडी’ को रिलीज करने की हिम्मत इसे बनाने वाली कंपनी जी स्टूडियोज अब तक नहीं जुटा पाई है। अनुराग ने इस बीच पूर्णकालिक अभिनय भी शुरू किया है। विजय सेतुपति की फिल्म ‘महाराजा’ और गुलशन देवैया की वेब सीरीज ‘बैड कॉप’ में वह विलेन बने और बच्चों की फिल्म ‘लिटिल थॉमस’ में बने हैं वह फिल्म निर्माता। गुलशन देवैया और राधिका दुग्गल की फिल्म ‘लिटिल थॉमस’ का प्रीमियर मेलबर्न फिल्म फेस्टिवल में होने जा रहा है।
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लिटिल थॉमस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'हनुमान रिटर्न्स' अनुराग कश्यप ने परसेप्ट पिक्चर कंपनी के लिए निर्देशित की थी। वह इसके निर्माता नहीं थे, हालांकि फिल्म ‘लिटिल थॉमस’ का प्रचार यूं किया जा रहा कि अनुराग ने 17 साल बाद बच्चों की फिल्म ‘बनाई’ है। अनुराग खुद भी कहते हैं, “मुझे बच्चों पर आधारित एक उम्दा स्क्रिप्ट की तलाश थी। बच्चों को लेकर एक प्रामाणिक फिल्म बनाना आसान काम नहीं है।" 'लिटिल थॉमस' का वर्ल्ड प्रीमियर इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) में होगा।
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अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अनुराग कश्यप इस फिल्म के निर्माता ये फिल्म पूरी होन के बाद बने या शुरू से ही उन्होंने इस फिल्म में पैसा लगाया है, ये तो साफ नहीं है लेकिन फिल्म के निर्माताओँ में कोई आधा दर्जन नाम और शामिल हैं, अनुराग के अलावा इस फिल्म का निर्माण रंजन सिंह, रजनीकांत ओजा, चारू ओजा, अनुष्का शाह और कबीर आहूजा ने मिलकर किया है। कौशल ओजा फिल्म के निर्देशक हैं, जिनकी फिल्म ‘वैष्णव जन तो’ को साल 2009 का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। ये पुरस्कार उन्हें किसी निर्देशक की पहली नॉन फीचर फिल्म श्रेणी के लिए साल 2010 में दिया गया।
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अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फीचर फिल्म निर्देशक के तौर पर 'लिटिल थॉमस' निर्देशक कौशल ओजा की पहली फिल्म है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे 7 साल का एक बच्चा अपने अनूठे प्रयासों से अपने मां-बाप को फिर से साथ लाने की कोशिश करता है ताकि उसके जीवन में उसे भी एक छोटे भाई का सुख प्राप्त हो सके। अनुराग कश्यप के मुताबिक ये फिल्म बहुत ही कमाल की पटकथा पर हनी है। और, इसकी पटकथा उन्होंने कौशल की शॉर्ट फिल्म 'द मिनिएचरिस्ट ऑफ जूनागढ़' देखने के साथ ही पढ़ी थी।
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लिटिल थॉमस पोस्टर, अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्म 'अ गर्ल इन द यलो बूट' (2010) से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता गुलशन देवैया 'लिटिल थॉमस' के बारे में कहते हैं, "यह एक ऐसी फिल्म है जो लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर देगी। 'लिटिल थॉमस' की सबसे बड़ी खासियत है फिल्म की कहानी और कहानी के चरित्रों की मासूमियत। रसिका एक बढ़िया एक्टर है जिन्हें एक अर्से से मैं बहुत पसंद करता आया हूं। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला।"