मुंबई में टीवी धारावाहिकों की शूटिंग तो शुरू हो गई है लेकिन टीवी धारावाहिक निर्माताओं का ये फैसला शूटिंग में हिस्सा ले रहे कलाकारों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भारी पड़ रहा है। शूटिंग शुरू होने के तीन हफ्तों में अब तक सात धारावाहिकों की शूटिंग में व्यवधान आ चुका है। अमर उजाला ने इस नाजुक स्थिति को गहराई से समझने के लिए कुछ टीवी कलाकारों से बात की और पाया कि इन कलाकारों के लिए काम न करने पर भुखमरी का सामना करने और काम के दौरान कोरोना से संक्रमित होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्राउंड रिपोर्ट: टीवी कलाकारों ने सुनाई मन की बात, मुंबई में आगे कुआं तो पीछे खाई जैसे हालात
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धारावाहिक 'जग जननी मां वैष्णो देवी' में लक्ष्मी का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री मदिराक्षी मुंडल कहती हैं कि घर में बैठे-बैठे तीन महीने से ज्यादा बीत चुके हैं इसलिए बाहर निकल कर काम तो करना ही होगा। उन्होंने कहा, 'जब पार्थ (समथान) के बारे में सुना तो बहुत बुरा भी लगा और थोड़ा डर भी पैदा हुआ लेकिन सेट पर सभी सावधानियां बरती जा रही हैं। मैं तो जब तक बहुत ज्यादा ना हो तब तक अपने पास किसी को आने भी नहीं देती। यहां तक कि मैं अपने ड्राइवर को भी त्याग कर एकदम आत्मनिर्भर बन गई हूं। घर में बूढ़े मां बाप भी हैं। हम पूरी सावधानी से काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी कुछ हो जाए तो कर ही क्या सकते हैं।'
वहीं, 'मेरे साईं' शो में काम कर रही अभिनेत्री नीलम सिंह बताती हैं कि उन जैसे लोगों के लिए तो करो या मरो जैसी स्थिति हो गई है। वह कहती हैं, 'काम की तो इतनी जरूरत थी कि लॉकडाउन के दौरान पूरी जमा पूंजी खर्च हो चुकी है। अगर काम नहीं करते तो घर में रहकर भूखों मर जाते। हमारे दिल में भी कोरोना का डर तो रहता ही है लेकिन घर में रहे तो भूखे मरेंगे और बाहर रहेंगे तो कोरोना है मारने के लिए।'
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कलाकारों की यूनियन की तरफ से मिलने वाली मदद पर नीलम ने कहा, 'सिनटा (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) ने भी कितनी मदद की है? मई के महीने में चार हजार रुपये भेजे और उसी महीने सलमान खान ने भी तीन हजार रुपये दिए। उसके अगले महीने में अमिताभ बच्चन के यहां से पंद्रह सौ का राशन का कूपन मिला। और फिर अभी पिछले महीने में ही अक्षय कुमार की तरफ से तीन हजार रुपये आए हैं। क्या इतने रुपये में खर्चा चल सकता है? और अगर मैं खर्चा पेट काटकर चला भी लूं तो खाने के अलावा मुझे अपने घर का भाड़ा भी तो देना है। इसलिए काम की तो बहुत जरूरत थी। बेशक डर में ही सही लेकिन काम तो करना ही है।'
इसके अलावा धारावाहिक 'गुड़िया हमारी सभी पे भारी' की मुख्य अभिनेत्री सारिका बहरोलिया कहती हैं कि सेट पर डर का माहौल तो रहता ही है लेकिन उसी माहौल में काम भी करना है। उन्होंने कहा, 'जब किसी कलाकार के बारे में इस बीमारी से पीड़ित होने की खबर सुनते हैं तो घबराहट पैदा होती है। मुझे लगता है कि जब इतने दिन घर बैठे हो गए थे तो कुछ और दिन भी घर रहकर गुजारे जा सकते थे। अगर माहौल इतना खराब था तो फिलहाल के लिए शूटिंग शुरू करना सही नहीं था। हालांकि, सारी सावधानियां बरती जा रही हैं। लेकिन, डर तो लगा ही रहता है।'