अपनी गायकी से लोगों के दिलों पर राज करने वाले सुरों के जादूगर सुखविंदर सिंह हर साल 18 जुलाई को अपना जन्मदिन मनाते हैं। संगीत जगत में सुखि के नाम से मशहूर सिंगर इस बार अपना 51वां बर्थडे मना रहे हैं। सुखविंदर का जन्म 18 जुलाई 1971 को पंजाब के अमृतसर जिले में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान गायकी की ओर था। आपको जानकर हैरानी होगी कि सुखविंदर केवल 8 साल की उम्र में ही स्टेज परफॉर्मेंस करने लगे थे। आज उनके जन्मदिन पर हम उनसे जुड़ी कुछ रोचक बातें बताने जा रहे हैं।
Sukhwinder Singh: सिंगर ही नहीं अच्छे कंपोजर भी हैं सुखविंदर, इस वजह से 13 साल बाद एआर रहमान कहना पड़ा 'सॉरी'!
सुखविंदर के दिलोदिमाग पर संगीत बचपन से ही छाया हुआ था। महज 13 साल की उम्र में सुखविंदर सिंह ने सिंगर मलकीत सिंह के लिए तूतक तूतक तूतीया कंपोज किया था। वह एक शानदार सिंगर तो हैं ही साथ ही वह एक अच्छे संगीतकार भी हैं। अब तक वह कई फिल्मों में अपना संगीत दे चुके हैं।
बॉलीवुड के सबसे सफल प्लेबैक सिंगरों में से एक सुखविंदर को फिल्म कर्मा में ब्रेक मिला। इसके बाद सिंगर ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। फिल्मों के अलावा वह खूब सारे स्टेज शोज भी करते हैं। स्टेज पर उन्होंने पहली बार लता मंगेशकर के साथ गाया था।
सुखिविंदर अपने सिंगिंग करियर में कई बड़े म्यूजिक डायरेक्टर के साथ काम कर चुके हैं। इनमें सबसे सुपरहिट जोड़ी उनकी देश के जाने-माने संगीतकार एआर रहमान संग जमी। दोनों ने एक साथ कई सुपरहिट गाने दिए हैं। फिल्म 'दिल से' का गाना 'छैया छैया' आज भी लोगों के जुबान पर चढ़ा हुआ है। इसके अलावा वह एक ऐसा गाना भी गा चुके हैं जिसकी वजह एआर रहमान की जिंदगी बदल गई।
हम बात कर रहे हैं 'स्लमडॉग मिलिनियर' के गाने 'जय हो' की। इस गाने ने देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी भारत का परचम लहराया दिया था। गाने को सबसे प्रतिष्ठित ऑस्कर अवॉर्ड से नवाजा गया था। इस अवॉर्ड से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी है जिसे बहुत कम लोग ही जानते होंगे। दरअसल, ऑस्कर अवॉर्ड लेते समय एआर रहमान इस गाने के मेन सिंगर को क्रेडित देना ही भूल गए थे। इस घटना के कई साल बाद हाल ही में एआर रहमान ने इसे लेकर अफसोस भी जताया था। उन्होंने इस बारे में बात करते हुए बताया था कि वह समारोह के दौरान सुखविंर का नाम लेना भूल गए थे, क्योंकि उस समय उनके मन में बहुत कुछ चल रहा था।