शशांक खेतान की फिल्म 'धड़क' से बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रहीं श्रीदेवी के बेटी जाह्नवी कपूर की फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है। हर तरफ इस फिल्म की चर्चा है। फैंस इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं लेकिन क्या आप जानते हैं 'धड़क' साल 2016 में आई नागराज मंजुले की मराठी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'सैराट' की हिंदी रीमेक है।
जी हां, ब्लॉकबस्टर इसलिए क्योंकि सैराट पहली ऐसी मराठी फिल्म थी जो 4 करोड़ की लागत में बनी थी और 110 करोड़ की कमाई की थी। इस फिल्म ने न केवल रीजनल सिनेमा बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों के रिकॉर्ड भी तोड़े थे। सैराट की कहानी हॉरर किलिंग पर आधारित है।
आइए आपको बताते हैं क्या कुछ खास था सैराट में जिसकी हूबहू कॉपी है धड़क। सैराट मराठी में बनी फिल्म है लेकिन इसके सीन्स बिना भाषा की मदद के क्रूर समाजों में पसर जाने की क्षमता रखते हैं। फिल्म में दो प्यार करने वाले हैं लेकिन उनके बीच है समाज और जाति की सबसे बड़ी दीवार। आर्ची पाटिल की बेटी है तो परश्या दलित।
अगर आपने सैराट देखी है तो आपको ये जरूर समझ आ जाएगा कि एक नौजवान लड़की तभी तक घुड़सवारी, बुलेट और ट्रैक्टर चला सकती है जब तक वह अपने ताकतवर पिता की छत्र-छाया में है। जिस दिन आर्ची के परिवार को उसके प्यार की खबर लगती है प्यार को कुचल देने की तमाम कोशिश की जाती है।
सैराट में आर्ची नदी के किनारे सखियों के संग नहाने वाली या स्वीमिंग पूल में किसी एक्टर के साथ अटखेलियां करने वाली नायिका नहीं है। वह किसी गहरे कुएं में कूद जाने का साहस रखने वाली लड़की है। यह साहस उसे प्रेम का चुनाव तो करवा लेता है मगर बचा नहीं पाता। लगभग 3 घंटे की फिल्म में अगर कभी हार न मानने वाली प्रेम यात्रा है, तो इसका अंत आर्ची और परश्या के जीवन की सच्चाई है।