हिंदी सिनेमाजगत सांपों को लेकर कई सारी फिल्में बनी हैं। इन फिल्मों में सबसे ज्यादा जिस फिल्म की लोग सराहना करते हैं वह 'नगीना' (Nagina) है। यह फिल्म 1986 में रिलीज हुई थी जिसमें श्रीदेवी (Sridevi) ने नागिन का किरदार निभाया था। क्या आपको पता है इस रोल को करने के लिए श्रीदेवी की आंखे हमेशा के लिए खराब होने के कगार पर पहुंच गई थी?
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Nagina film
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'नगीना' फिल्म में श्रीदेवी का नाम रजनी था जो कि एक नागिन भी थी। एक वेब साइट के मुताबिक नागिन बनने के लिए श्रीदेवी अलग-अलग रंग के लेंस का इस्तेमाल करती थीं। बार-बार लेंस बदलने से श्रीदेवी की आंखों पर खराब असर पड़ने लगा था। यहां तक कि डॉक्टरों ने उन्हें हिदायत दी थी कि अगर वो वापस लेंस का इस्तेमाल करेंगी तो उनकी आंखों की रोशनी भी जा सकती है।
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कहा जाता है कि सेट पर श्रीदेवी हमेशा आंखों पर दवाई डालती थीं। इस फिल्म में श्रीदेवी ने अभिनय को बहुत पसंद किया गया। साथ ही फिल्म उनकी आंखों बदलते रंग को देखकर कई बार तो फैंस भी घबरा गए थे। कहा जाता है कि इस फिल्म के लिए श्रीदेवी पहली पसंद नहीं थी। इससे पहले यह किरदार जया प्रदा को ऑफर किया गया था। जब उन्हें पता चला कि फिल्म में सांप के साथ स्टंट करना है तो उन्होंने फिल्म करने से इनकार कर दिया था।
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'नगीना' फिल्म के लिए श्रीदेवी को फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिया गया था। इस फिल्म में श्रीदेवी के अलावा ऋषि कपूर लीड रोल में थे। तो वहीं अमरीश पुरी ने भैरो नाथ का किरदार निभाया था जो कि सपेरा होता है। यह फिल्म सुपरहिट रही थी। इस फिल्म में श्रीदेवी ने एक गाने पर डांस किया था जिसे हिंदी सिनेमाजगत का बेहरतरीन डांस नंबर माना जाता है। इस गाने के बोल हैं- 'मैं तेरी दुश्मन दुश्मन तू मेरा।'
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'नगीना' के बाद श्रीदेवी की एक और फिल्म आई थी जिसमें उन्होंने नागिन का रोल निभाया था। यह फिल्म 'नगीना' का सीक्वेल था। इस फिल्म का नाम 'निगाहें' था। इस फिल्म श्रीदेवी के अलावा सनी देओल और अनुपम खेर थे। अनुपम खेर ने इसमें गोरख नाथ का किरदार निभाया था जो कि एक भैरो नाथ का छोटा भाई होता है।