बॉलीवुड के किंग खान यानि की
शाहरुख खान के पास आज किसी चीज की कमी नहीं है। देश-विदेश के नामी अवार्ड्स उन्होंने अपने नाम किए हैं लेकिन इन अवार्ड्स को पाने के लिए शाहरुख ने जितनी मेहनत की है वो भी किसी से छुपी नहीं है।
शाहरुख ने अपने जीवन का वो दौर भी देखा जब एक से बढ़कर एक मंझे हुए कलाकारों का बॉलीवुड पर दबदबा था और इन सब के बीच अपनी पहचान बनानी थी। लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब अवार्ड लेना शाहरुख की आदत में शुमार हो गया। कभी बेस्ट एक्टर के तौर पर शाहरुख को नवाजा गया तो कभी विलेन के किरदार में शाहरुख ने सुर्खियां बटोरी।
फिल्मफेयर अवार्ड के एक बेहद ही रोचक किस्से का जिक्र अनुपमा चोपड़ा ने अपनी किताब 'शाहंशाह ए बॉलीवुड' में किया है। किताब के अनुसार, एक बार फिल्म फेयर अवार्ड लेने गए शाहरुख, सुभाष घई के साथ बैठे हुए थे तभी दिलीप कुमार स्टेज पर गए।
अचानक सुभाष घई ने शाहरुख के कान में कहा 'तुम्हें भी इनके जैसा बनना है।' शाहरुख के जवाब ने ही उन्हें आज बॉलीवुड का शंहशाह बनाया। शाहरुख ने उस वक्त सुभाष घई से कहा था, "जरा इंतजार कीजिए मैं एक दिन दिलीप कुमार बन जाउंगा"।
दरअसल सुभाष घई के कहने का मतलब ये था कि दिलीप साहब की तरह मेहनत करों और अपनी आकांक्षाएं हमेशा ऊंची रखो। उन्होंने उम्मीद इस बात की कि थी कि शाहरुख यही कहेंगे कि 'काश मैं दिलीप कुमार जितना आधा अभिनेता भी बन पाता' लेकिन शाहरुख के जवाब ने सुभाष घई को उस वक्त ही यकीन दिला दिया था कि शाहरुख का नाम एक दिन बॉलीवुड में सबसे ऊपर लिया जाएगा। आज नतीजा सबके सामने है।