तनुश्री दत्ता की लड़ाई में बॉलीवुड चुप क्यों? ये सवाल अमर उजाला बिंदास ने मुखर रूप से उठाया। जिसके बाद ट्विंकल खन्ना, प्रियंका चोपड़ा, स्वरा भास्कर, सोनम कपूर, ऋचा चड्ढा, परिणीति चोपड़ा और फरहान अख्तर जैसे सितारे तनु के समर्थन में उतरे। अब आहिस्ता-आहिस्ता दूसरे सितारे भी अपनी चुप्पी तोड़ रहे हैं।
तनु को अब रवीना टंडन और कंगना रनौत का साथ मिला है। बहुत से लोग सवाल उठा रहे हैं कि 10 साल पहले बीते इस मुद्दे को उठाने का क्या मतलब है । इससे क्या फायदा?कंगना ने ऐसे लोगों को लताड़ लगाते हुए कहा है कि हमारे जीवन की कहानी की कोई भी एक्सपायरी डेट नहीं होती । इधर रवीना टंडन ने भी एक-एक करके पांच ट्वीट किए हैं।
उनका तनुश्री के साथ खड़े होना महत्व रखता है क्योंकि वो नाना पाटेकर के साथ फिल्म गुलाम-ए-मुस्तफा में काम कर चुकी हैं। रवीना टंडन ने अपने ट्वीट में लिखा है- 'जब हमारी इंडस्ट्री अपनी ही महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने में फेल हो जाए, उन्हें उनका मौका मिला और वह हार गए। हम महिला सशक्तिकरण पर फिल्म बनाते हैं जो पूरी तरह खोखला है।'
तनुश्री दत्ता के मामले पर सामने आ रही चुप्पी दर्दनाक है। दूसरे ट्वीट में लिखा, 'दुखद है कि इस मामले का कोई गवाह या सबूत नहीं है तो कुछ कह नहीं सकते। लेकिन यह सच है कि यह वाकया उसकी पूरी जिंदगी बदलने के लिए काफी था। मैंने भी नाना के साथ काम किया है और उनके गुस्से के बारे में सुना भी है लेकिन कभी उसकी शिकार नहीं हुई बल्कि वह इस दौरान काफी मददगार थे।
उन्होंने लिखा कि 10 साल पहले सोशल मीडिया नहीं था और लोगों के सामने वही आता था तो गॉसिप मैगजीन सामने रखती थीं। लेकिन अब मौका है कि पीड़ित सामने आएं और सच सामने रखें ताकि कानून अपना काम कर सके। हमें इस मामले पर इतना जल्दी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। वहीं बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत ने बिना किसी की तरफदारी किए हुए कहा है कि मैं यहां इस मामले पर कोई फैसला सुनाने के लिए नहीं हूं।