अदाकारी से ज्यादा अपनी स्टाइल के चलते मशहूर होने वाले सदाबहार एक्टर राज कुमार का जन्म आठ अक्टूबर 1926 को बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में कश्मीरी पंडित परिवार में हुआ था। उनका असली नाम कुलभूषण पंडित था। तीन जुलाई 1996 को राज कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया और इसी के साथ वो आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। वे 50 के दशक से लेकर 90 के दशक तक फिल्मों में सक्रिय रहे। फिल्मों से पहले वह मुंबई पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर काम करते थे।
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Raaj kumar
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राज कुमार जिंदादिल इंसान थे। उनके कई किस्से उस दौर में खबरों की हेडलाइन बना करते थे। राजकुमार की फिल्में देखने के लिए सिनेमाघर पहुंचे दर्शक हर वक्त खास अंदाज में कहे जाने वाले डायलॉग्स का इंतजार करते थे। 1965 में आई 'वक्त' के साथ राज कुमार स्टार बन गए और घर-घर में 'जानी' का अनूठा अंदाज गूंजने लगा।
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राज कुमार, दिलीप कुमार
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राज कुमार साहब बात करते हुए भी अपना स्टाइल नहीं छोड़ते थे। ये बात तो सभी जानते हैं कि उनकी मौत गले के कैंसर से हुई। मीडिया में इस बात का तमाशा न बने इसलिए ये बात सिर्फ राज कुमार और उनके बेटे पुरु ही जानते थे। लेकिन जब दिलीप कुमार को इस बात का पता चला तो उन्होंने राज कुमार को सांत्वना देने की कोशिश की।
दिलीप कुमार उनकी खैरियत पूछने के लिए राज कुमार के घर गए। जैसे ही दिलीप कुमार ने राजकुमार की बीमारी पर अफसोस जताया। इस पर राजकुमार ने अपने चिर परिचित अंदाज में कहा- जानी! हम राजकुमार हैं...हमें सर्दी-जुकाम जैसी मामूली बीमारी थोड़े ही होगी। हमें कैंसर हुआ है, कैंसर। मौत के करीब राज कुमार का ये अंदाज दिलीप कुमार को गमगीन कर गया।
बात बिल्कुल सच है। जब भी बॉलीवुड में शानदार डायलॉग बोलने वाले स्टार का जिक्र होगा, तो उसमें एक्टर राजकुमार का नाम सबसे ऊपर होगा। अपने यूनिक डायलॉग बोलने के अंदाज के कारण उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। राज कुमार को आज भी बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार में गिना जाता है।