शशि कपूर के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया। बॉलीवुड के तमाम बड़े कलाकारों ने शशि कपूर को भारी बारिश में नम आंखों से विदाई दी। 5 दिसंबर को दोपहर 12 बजे शशि कपूर का
अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शशि कपूर के निधन के बाद भी उनके पृथ्वी थियेटर को बंद नहीं किया गया। शशि कपूर को इससे बेहतर श्रद्धांजलि नहीं दी जा सकती थी। शशि कपूर की जान पृथ्वी थियेटर में बसती थी। इसलिए थियेटर में रात 9 बजे नसीरुद्दीन शाह के नाटक The father रखा गया।
शशि इस नाटक को देखना पसंद करते थे। शशि कपूर चाहते थे कि चाहे कुछ भी हो जाये, पृथ्वी थियेटर में ऐसा कभी नहीं होगा कि किसी प्ले का मंचन न हो। यहां तक की शशि कपूर की पत्नी जेनिफर के निधन के बाद भी पृथ्वी थियेटर को बंद नहीं किया गया था। थियेटर की सदियों से ये परम्परा रही है।
शशि कपूर के बेटे कुणाल और करन कपूर बेटी संजना कपूर ने अपने पिता को यही श्रद्धांजलि दी। उनका वारिसों का मानना है कि आज भले ही वो नहीं हैं, लेकिन उनका सपना पृथ्वी थियेटर वैसे ही चलता रहेगा जैसा उन्होंने चाहा था।