जाने माने बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार ने ऐतिहासिक पड़ाव हासिल कर लिया है। उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे बड़े हिंदुस्तानी क्लासिकल सिम्फनी के रूप में अपना दर्ज करवा लिया है। हाल ही में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार का सम्मान किया गया।
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पंडित रोनू मजूमदार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पंडित रोनू मजूमदार ने कही ये बात
इस सम्मान को लेकर पंडित रोनू मजूमदार ने कहा, मैं अपनी रचना 'समवेत' को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता मिलने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। 546 संगीतकारों की सिम्फनी का नेतृत्व करना वास्तव में एक विनम्र अनुभव था। मियां मल्हार, मियां की तोड़ी और दरबारी रागों का मिश्रण 'समवेत' भारतीय शास्त्रीय संगीत की सामूहिक भावना का प्रतीक है।" मियां मल्हार, मियां की तोड़ी और दरबारी रागों को मिलाकर इस रचना को तैयार किया जा रहा है।
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पंडित रोनू मजूमदार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
संगीतकारों के लिए बोले पंडित रोनू मजूमदार
उन्होंने कहा, "मैं उन समर्पित संगीतकारों का बहुत आभारी हूं, जिनकी प्रतिभा और जुनून ने इस रिकॉर्ड को संभव बनाया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के श्री रिचर्ड स्टेनिंग को उनकी उपस्थिति के लिए विशेष धन्यवाद।"
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पंडित रोनू मजूमदार
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व्यक्त किया आभार
पंडित मजूमदार ने मध्य प्रदेश सरकार, सांस्कृतिक विभाग, मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने संगीत समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी आभार व्यक्त किया।
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इन साउंडट्रैक के लिए मिला सम्मान
बता दें रोनू मजूमदार ने उनकी डिस्कोग्राफी में 'ए ट्रैवलर्स टेल', 'कोई अकेला कहां' जैसे प्रशंसित एल्बम और हॉलीवुड फिल्म 'प्राइमरी कलर्स' का साउंडट्रैक शामिल है। इन सभी संगीत कृतियों के लिए रोनू मजूमदार को आदित्य विक्रम बिड़ला पुरस्कार और सहारा इंडिया लाइफ-टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।