अभिनेत्री, पेंटर, फोटोग्राफर, लेखिका और निर्देशक दीप्ति नवल तीन फरवरी को अपना जन्मदिन मनाती हैं। दीप्ति नवल ने अपने करियर की शुरुआत श्याम बेनेगल की फिल्म जुनून (1978) से की थी। बड़े कलाकारों से सजी इस फिल्म में उनका छोटा सा किरदार था। दो साल बाद वह फिल्म एक बार फिर में मुख्य किरादर में नजर आईं। इसमें उनके साथ स्मिता पाटिल और शबाना आजमी थीं।
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दीप्ति नवल
- फोटो : instagram/deepti.naval
80 के दशक में दीप्ति को समानांतर सिनेमा का पर्याय माना जाता था। उनकी यादगार फिल्मों में कमला, चश्मे बद्दूर, एक बार फिर, अनकही, बवंडर, लीला और फिराक शामिल हैं। फिल्मों के अलावा दीप्ति अपने बेबाक अंदाज की वजह से भी जानी जाती हैं।
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दीप्ति नवल, फारुख शेख
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1981 में दीप्ति नवल और फारुख शेख फिल्म चश्मे बद्दूर में नजर आए। दोनों की जोड़ी को खूब पसंद किया गया। इसके बाद उन्होंने फिल्म साथ-साथ, किसी से ना कहना, कथा, रंग बिरंगी और फासले कीं। करीब तीन दशकों बाद 2011 में वह फिर से फिल्म टेल मी ओ खुदा में नजर आए थे।
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दीप्ति नवल
- फोटो : instagram/deepti.naval
बाद में चश्मे बद्दूर की रीमेक डेविड धवन ने बनाई थी जिसमें दीप्ति वाला किरदार तापसी पन्नू ने निभाया था। इसी पर बात करने एक दिन कुछ पत्रकार दीप्ति के घर पहुंचे। उस वक्त उनके घर पर फारुख शेख भी थे। दीप्ति पत्रकारों से बातें कर ही रही थीं कि सोसाइटी के लोग उनके घर आ गए और इंटरव्यू बंद करने के लिए कहने लगे। उन्हें लगा कि यह इंटरव्यू नहीं बल्कि फिल्म की शूटिंग चल रही है। सोसाइटी वालों के इस रवैये से दीप्ति बहुत परेशान हो गई थीं और आखिरकार उन्होंने वह घर छोड़ दिया। उन्हें वहां रहते हुए 30 साल से ज्यादा का वक्त हो गया था।
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दीप्ति नवल
- फोटो : instagram/deepti.naval
एक इंटरव्यू में दीप्ति ने बताया कि 'जब वहां कोई और अपार्टमेंट खरीदने की हिम्मत नहीं कर पाता था तब मैंने उस बिल्डिंग में घर लिया था। मैंने वहां कई पार्टियां कीं और पत्रकार अक्सर मिलने आते थे। यह पहली बार हुआ था जैसे मुझे एहसास दिलाया गया कि मैं सेक्स रैकेट चला रही हूं। मेरी गलती केवल इतनी थी कि मैं बिल्डिंग के लोगों से मिलती जुलती नहीं हूं।' हालांकि दीप्ति के इस इंटरव्यू को बगैर पूरा पढ़े कई जगह ऐसी खबरें छपी थीं कि सोसोइटी वालों ने उन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाया है।