अपने दमदार एक्टिंग से सिने प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले पृथ्वीराज कपूर आज ही के दिन यानि 29 मई 1972 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर 1906 को पाकिस्तान के लायलपुर में हुआ था। आज उनकी पुण्यतिथि पर जानते हैं कुछ रोचक तथ्य।
पृथ्वीराज कपूर 3 साल के थे जब उनकी मां का निधन हो गया। जब वो 8 साल के थे तब उन्होंने पहली बार स्कूली नाटक में हिस्सा लिया। पेशावर के एडवर्ड कॉलेज से बैचलर की डिग्री लेने तक नाटकों से उनका लगाव बढ़ गया। पृथ्वीराज अपने रंगमंच प्रेम के चलते लाहौर आए लेकिन किसी नाटक मंडली में काम नहीं मिला क्योंकि वो पढ़े-लिखे थे।
पृथ्वीराज 1929 में काम की तलाश में मुंबई आ गए और इंपीरियल फिल्म कंपनी में बिना वेतन के एक्स्ट्रा कलाकार बन गए। 1931 में फिल्म 'आलमआरा' में 24 साल की उम्र में जवानी से लेकर बुढ़ापे तक की भूमिका निभाई।
फिल्म इंडस्ट्री में 'पापाजी' के नाम से मशहूर पृथ्वीराज अपने थिएटर के तीन घंटे के शो के समाप्त होने के बाद गेट पर एक झोली लेकर खड़े हो जाते थे ताकि शो देखकर बाहर निकलने वाले लोग झोली में कुछ पैसे डाल सकें। इन पैसों के जरिए पृथ्वीराज कपूर ने एक वर्कर फंड बनाया था जिसके जरिए वे पृथ्वी थिएटर में काम कर रहे सहयोगियों को जरूरत के समय मदद किया करते थे।
फिल्म इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए पृथ्वीराज कपूर को 1969 में भारत सरकार द्वारा पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही फिल्म इंडस्ट्री के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फालके से भी पृथ्वीराज कपूर को सम्मानित किया गया।