कैसेट किंग गुलशन कुमार मर्डर केस में आरोपी संगीतकार नदीम सैफी को गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का संरक्षण मिला हुआ है। दरअसल दाऊद इब्राहिम की एक कॉल इंटरसेप्ट की वजह से चर्चा में है। जिसमें दाऊद अपने गुर्गे से किसी शख्स के बारे में बात कर रहे हैं, अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो कोई और नहीं बल्कि गुजरे जमाने के मशहूर संगीतकार नदीम ही है।
12 अगस्त 1997 को मुंबई में गुलशन कुमार की हत्या में नदीम को सह-संदिग्ध के तौर पर नामजद किया गया था। गुलशन कुमार पर एक मंदिर के बाहर तीन हमलावरों ने 16 गोलियां बरसाई थीं। कैसेट किंग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। जिसके बाद से ही नदीम सैफी पिछले 10 सालों से दुबई में रह रहा है। ठाकरे परिवार के बेहद करीबी रहे नदीम के बारे में बाल ठाकरे का मानना था कि गुलशन कुमार हत्याकांड में उनका टूल की तरह इस्तेमाल हुआ।
किसी जमाने में बॉलीवुड में कई बेहतरीन फिल्मों का संगीत देने वाली नदीम-श्रवण की जोड़ी का नदीम ठाकरे परिवार का काफी करीबी था। गुलशन कुमार हत्याकांड मामले में नाम आने पर नदीम ने सार्वजिनक बयान दिया था कि, 'मैं जितना भरोसा (बाल ठाकरे) पर करता हूं उतना मुंबई पुलिस पर भी नहीं करता'।
जानकारी के मुताबिक बालठाकरे के बेटे बिंदु माधव द्वारा निर्मित पहली बॉलीवुड फिल्म 'अग्निसाक्षी' में नदीम-श्रवण की जोड़ी ने ही संगीत दिया था।
मशहूर एक्ट्रेस माला सिन्हा की बेटी और एक्ट्रेस प्रतिभा सिन्हा और नदीम किसी वक्त में रिलेशनशिप में थे। नदीम शादीशुदा थे। यही बात प्रतिभा की मां माला सिन्हा को ठीक नहीं लगी, लेकिन नदीम के प्यार में पागल प्रतिभा उनसे शादी करने की जिद्द लगाई हुई थी। जब माला सिन्हा इस रिलेशनशिप को हैंडल नहीं कर पाई तो बाल ठाकरे की मदद ली।
बाद में बाल ठाकरे के हस्तक्षेप के बाद नदीम इस रिश्ते से ये कहते हुए पीछे हट गए थे कि मैं अपने परिवार में खुश हूं। बाद में प्रतिभा ने भी खुद को नदीम से अलग कर लिया। रिपोर्ट्स की मानें तो इस अफेयर की वजह से प्रतिभा सिन्हा का करियर प्रभावित हुआ, वह वो मुकाम हासिल नहीं कर पाई जो उन्हें मिल सकता था।