तैमूर के जन्म के बाद करीना कपूर पहली बार बड़े परदे पर दिखने वाली हैं। फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' में करीना के साथ सोनम कपूर, स्वरा भास्कर और शिखा तल्सानिया भी नजर आएंगी। ये फिल्म 1 जून को रिलीज होगी। अब ऐसे में फिल्म के सर्टिफिकेट की प्रक्रिया जारी है।
खबरों की मानें तो फिल्म की प्रोड्यूसर रिया कपूर और एकता कपूर इसके लिए 'ए' (एडल्ट) सर्टिफिकेट चाह रही हैं। इसकी मुख्य वजह ये है ताकि सेंसर बोर्ड से फिल्म में किसी भी तरह का कट न लगे और फिल्म का ओरिजनल टेस्ट भी बरकरार रहे।
अगर ट्रेलर की ही बात करें तो फिल्म में काफी ज्यादा अपशब्दों और डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो कि कॉलेज जाने वालों और उनसे बड़ी उम्र की ऑडियंस के हिसाब से है और मेकर्स को 'ए' सर्टिफिकेट को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं हैं।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये भी खबरें हैं कि शशांक घोष के निर्देशन में बनी इस फिल्म को 'ए' सर्टिफिकेट दे दिया गया है। बताया जाता है कि सेंसर ने जब फिल्म देखी तो गालियों को लेकर आपत्ति जताई। सेंसर बोर्ड के सदस्यों के मुताबिक इस तरह के शब्द फिल्म में नहीं होने चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक इस बात पर जीतेंद्र और अनिल कपूर ने ( अनिल की बेटी रिया और जीतेंद्र की बेटी एकता फिल्म की प्रोड्यूसर हैं) बड़ी मजबूती से अपनी बात रखी और कहा कि फिल्म में बोले गए शब्द आज की जनरेशन के बच्चे आम बोलचाल में इस्तेमाल करते हैं और इसे किसी गलत परिपेक्ष्य में नहीं दिखाया गया है।