हिंदी सिनेमा का एक ऐसा अभिनेता जिसकी अदाओं भर से लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती थी। जो सिनेमा के पर्दे पर अगर खामोश भी हो जाता था तो लोगों की हंसी थमती नहीं थी। कलर और ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों के जानदार हास्य कलाकार राजेंद्र नाथ की 13 फरवरी को डेथ एनिवर्सरी है। जानिए उनके जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्सों के बारे में....
राजेंद्र नाथ का जन्म 8 जून 1931 को टीकमगढ़ राज्य में हुआ था। उस दौरान हिंदुस्तान में ब्रिटिश हुकूमत थी। आजादी के बाद टीकमगढ़ मध्यप्रदेश के हिस्से में चला गया। राजेंद्र के पिता करतार नाथ रीवा शहर के आईजी ऑफ पुलिस थे। राजेंद्र के आठ भाई और चार बहनें थीं। राजेंद्र के सबसे बड़े भाई प्रेमनाथ थे। राजेंद्र डॉक्टर बनना चाहते थे। बड़े भाई का फिल्मों में रुझान देखते हुए उनकी भी फिल्मों में रूचि बढ़ने लगी थी।
राजेंद्र नाथ ने 1961 में आई फिल्म 'जब-जब फूल खिले' में पोपट लाल का किरदार निभाया था। वह किरदार इतना हिट हुआ था कि लोग उन्हें राजेंद्र नाथ की जगह पोपट लाल के नाम से याद करने लगे थे। राजेंद्रनाथ रेडियो के लिए भी नाटक किया करते थे।
फिल्म 'दिल देके देखो' ने राजेंद्र नाथ के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया। पोपट लाल के नाम से मशहूर हुए राजेंद्र को इस फिल्म के बाद तमाम फिल्मों के लिए कॉमेडियन के रोल ऑफर हुए। 1969 में आई 'प्यार का मौसम', 1980 में आई 'एक बार कहो' 1984 में आई यादगार राजेंद्रनाथ की प्रमुख फिल्में हैं।
राजेंद्र नाथ का बॉलीवुड के कपूर खानदान से गहरा रिश्ता है। राजेंद्र की बहन कृष्णा ने राज कपूर से शादी की थी। राजेंद्रनाथ रणधीर कपूर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर के सगे मामा हैं। कलर और ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों के जरिए राजेद्र नाथ ने लोगों को खूब हंसाया। उनकी कॉमेडी टाइमिंग बहुत जबरदस्त थी।