डायरेक्टर, स्क्रीन राइटर और एक्टर तिग्मांशु धूलिया का जन्म 3 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के इलाहबाद में हुआ था। उनके पिता केशव चन्द्र धूलिया हाईकोर्ट के जज थे और मां सुमित्रा धूलिया संस्कृत की प्रोफेसर थीं। तिग्मांशु ने 1986 में इलाहबाद से इतिहास में ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से थिएटर की मास्टर डिग्री ली है।
तिग्मांशु धूलिया ने 1990 में मुंबई आकर सबसे पहले कास्टिंग डायरेक्टर का काम किया। उन्होंने 'बैंडिट क्वीन' और 'द वॉरियर' जैसी फिल्मों के लिए कास्टिंग की थी। कास्टिंग डायरेक्टर के बाद तिग्मांशु ने केतन मेहता की फिल्म 'सरदार' और प्रदीप कृष्ण की 'इलेक्ट्रिक मून' में असिस्टेंट डायरेक्टर का काम भी किया। तिग्मांशु ने 'दिल से' और 'तेरे मेरे सपने' में स्क्रीन राइटर का काम भी किया है।
डायरेक्टर के तौर पर तिग्मांशु ने अपनी पहली फिल्म 'हासिल' बनाई थी जिसे युवाओं के साथ-साथ सभी की सराहना मिली। इस फिल्म के लिए एक्टर इरफान खान ने निगेटिव रोल में फिल्मफेयर से बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता।
तिग्मांशु की फिल्म 'पान सिंह तोमर' को 'बेस्ट फीचर फिल्म' का नेशनल अवॉर्ड भी दिया गया है। फिल्म पान सिंह तोमर की बायोपिक थी। फिल्म में इरफान खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। इरफान को इसके लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।
'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में उनका निभाया रामाधीर सिंह का किरदार काफी फेमस हुआ था। तिग्मांशु डायरेक्शन के साथ-साथ 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'साहेब बीवी और गैंगस्टर', 'शाहिद' और 'तेवर' जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग का टैलेंट दिखा चुके हैं। तिग्मांशु ने फिल्मों के अलावा 'एक दूजे के लिए' और 'राजधानी' जैसे टीवी सीरियल्स भी बनाए हैं।