मशहूर एक्टर सुनील दत्त का जन्म 6 जून 1928 को पाकिस्तान के झेलम प्रांत में हुआ था। उन्होंने न सिर्फ बंटवारे का दर्द झेला बल्कि अपनों से जुदा होने का गम भी देखा। सुनील दत्त ने 5 साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया। इसके बाद उनका पूरा परिवार भारत आ गया।
सुनील दत्त ने जिंदगी के कई साल हरियाणा में बिताए। एक्टर बनने का सपना लिए सुनील दत्त साल 1955 में मुंबई आ गए लेकिन यहां जिंदगी इतनी आसान नहीं थी। अपना गुजारा करने के लिए सुनील दत्त ने बस कंडक्टर की नौकरी पकड़ ली। वो बंबई में नाई और टेलर के साथ रहा करते थे।
शुरुआत में सुनील दत्त ने रेडियो सिलोन में काम करना शुरू किया। यही वो जगह थी जहां उनकी मुलाकात उनकी पत्नी नरगिस से हुई थी। सुनील नरगिस के काफी बड़े फैन थे। उन्हें नरगिस का इंटरव्यू लेना था लेकिन जैसे ही नरगिस उनके सामने आईं सुनील सब कुछ भूल गए। नरगिस के सामने उनके मुंह से एक शब्द नहीं मिला जिसके बाद इंटरव्यू कैंसिल करना पड़ा।
उस वक्त राज कपूर और नरगिस की लव स्टोरी रील लाइफ से रियल लाइफ तक पहुंच चुकी थी लेकिन राज कपूर पहले से शादीशुदा थे फिर भी नरगिस ने आरके प्रोडक्शंस की फिल्में साइन करना जारी रखा। नरगिस राज कपूर की दूसरी पत्नी बनने के लिए भी तैयार थीं लेकिन राज कपूर ने ऐसा नहीं किया और उन्हें अकेला छोड़ दिया।
'मदर इंडिया' फिल्म में नरगिस ने राधा का रोल निभाया था वहीं सुनील दत्त राधा के बेटे बिरजू बने थे। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान नरगिस को सुनील दत्त से मोहब्बत हुई थी। हुआ यूं था कि एक सीन के दौरान सेट पर आग लग गई थी और नरगिस उसमें फंस गईं। सुनील की आंखों के सामने उनकी मोहब्बत तकलीफ में थी। वो एक हीरो की तरह आग में कूदे और नरगिस की जान बचाई।