अलग विषयों पर फिल्म बनाने वाले निर्देशक दिबाकर बनर्जी का जन्म 21 जून 1969 को दिल्ली में हुआ था। निर्देशक के साथ-साथ दिबाकर बनर्जी स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर भी हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने एड वर्ल्ड में काफी नाम कमाया। दिबाकर बनर्जी की खुद की प्रोडक्शन कंपनी 'दिबाकर बनर्जी प्रोडक्शनंस' भी है।
दिल्ली से मुंबई पहुंचने के बाद दिबाकर ने कई टीवी शोज शूट किए। यहां उन्होंने फिल्म 'खोसला का घोसला' बनाने की सोची और इसके लिए एक्टर अनुपम खेर से बात की। फिल्म की रिलीज के साथ उन्हें क्रिटिक्स के साथ दर्शकों की भी काफी तारीफें मिलीं। यही नहीं इस फिल्म के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। पहली ही फिल्म की सफलता से दिबाकर ने बॉलीवुड के नामचीन निर्देशकों में अपनी पहचान बना ली।
साल 2008 में दिबाकर ने अपनी दूसरी फिल्म 'ओए लकी-लकी ओए' निर्देशित की थी। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई साथ ही इस फिल्म ने उन्हें एक और राष्ट्रीय सम्मान दिलाया। दिबाकर की मुख्य फिल्मों में 'लव, सेक्स और धोखा', 'शंघाई' और 'ब्योमकेश बक्शी' है।
दिबाकर बनर्जी उस समय चर्चा में आए जब साल 2011 में एक्ट्रेस पायल रोहतगी ने उन पर कास्टिंग काउच का आरोप लगाया था। पायल का आरोप था कि दिबाकर ने फिल्म में रोल के बदले उन पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया था।
पायल के मुताबिक 'मैंने फिल्म 'शंघाई' में रोल के लिए दिबाकर से बात की। उन्होंने मुझे अपने कास्टिंग डायरेक्टर से मिलने को कहा। मैं ऑडिशन के लिए गई। मुझे एक ऐसी पत्नी की एक्टिंग करनी थी जिसे अपने पति की मौत की खबर मिली है। मेरा ऑडिशन काफी अच्छा रहा लेकिन ऐसी एक्टिंग करने के बाद मेरा मन कुछ भारी हो रहा था।'