हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का जन्मदिन है। वह 65 साल के हो गए हैं। अनुपम सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। महेश भट्ट की 'सारांश' (1984) से चर्चा में आए अनुपम खेर ने अब तक करीब 500 फिल्मों में काम किया है। 'सारांश' के लिए अनुपम खेर ने फिल्मफेयर से बेस्ट एक्टर का पुरस्कार जीता था। 28 साल की उम्र में उन्होंने एक साठ साल के बूढ़े का किरदार निभाया था जो आज भी याद किया जाता है। लेकिन इस रोल को पाने के लिए उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
1984 में आई इस फिल्म को लेकर आज भी कहा जाता है कि भला एक 28 साल का लड़का किसी 60 साल के बूढ़े-लाचार आदमी की भूमिका इतने सच्चे ढंग से कैसे निभा सकता है? इस फिल्म में सबसे पहले इंडस्ट्री में पैर जमा रहे एक्टर अनुपम खेर को साइन किया गया था। फिल्म को राजश्री प्रोडक्शंस के मालिक ताराचंद बड़जात्या प्रोड्यूस कर रहे थे।
शूटिंग शुरू होने से पहले अनुपम खेर को खबर मिली कि फिल्म में उनकी जगह संजीव कुमार को कास्ट करने की बात की जा रही है। ये सुनकर अनुपम को विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने डायरेक्टर महेश भट्ट को फोन लगा दिया। महेश भट्ट ने अनुपम खेर को बताया कि राजश्री प्रोडक्शन को इस रोल के लिए कोई जाना-माना एक्टर चाहिए, इसलिए संजीव कुमार को कास्ट किया गया है।
अनुपम खेर ने ये सब सुनकर शहर छोड़ने की सोच ली। जब अनुपम अपना सामान समेटकर मुंबई से वापस जा रहे थे, तब रास्ते में महेश भट्ट का घर पड़ा तो उन्होंने सोचा महेश भट्ट को वे सुनाकर जरूर जाएंगे। गुस्से में अनुपम महेश भट्ट को घर पहुंचे। वह गुस्से में तो पहले ही थे, उसके बाद और चिढ़कर बोले, 'जाने से पहले मैं आपको ये बताने आया हूं कि आप एक नंबर के फ्रॉड हैं। झूठे हैं। पिछले छह महीने से मैं अपने रोल की प्रैक्टिस करने में लगा हुआ हूं और आज अचानक मुझे इस फिल्म से हटा दिया जा रहा है।'
महेश भट्ट को अनुपम खेर की ये बात दिल पर लग गई। उन्होंने राजश्री प्रोडक्शन को फोन कर कहा कि यदि इस फिल्म में अनुपम खेर नहीं होंगे तो वे ये फिल्म निर्देशित नहीं करेंगे। इस तरह ये भूमिका अनुपम खेर को मिली जो काफी सराही गई। करीब एक करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दो करोड़ का बिजनेस किया था। परेशान निजी जिंदगी और अस्थापित करियर से जूझ रहे महेश भट्ट के लिए 'सारांश' सबसे बड़ी पहचान बन गई।
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