भोपाल, मध्य प्रदेश में जन्मे अभिनेता अन्नू कपूर का असली नाम अनिल कपूर है। लेकिन, जब वह हिंदी फिल्म जगत में आए तब तक अनिल कपूर लोकप्रिय हो चुके थे। लिहाजा अन्नू कपूर ने अपना नाम बदला। अन्नू उनका घरेलू नाम है और उनके घरवाले उन्हें बचपन से इसी नाम से बुलाते रहे हैं। अन्नू कपूर के प्रशंसक रेडियो के श्रोताओं से लेकर टेलीविजन, ओटीटी और सिनेमा के दर्शकों तक में फैले हुए हैं। उनका बातें करने का अंदाज उनके प्रशंसकों को सबसे ज्यादा सुहाता है और उनकी साफगोई का तो कोई जवाब ही नहीं। वह साफ साफ कहते हैं, ‘अभिनय मेरी रोजी रोटी है, मेरा शौक या जुनून नहीं।’
Annu Kapoor: सनी लियोन की स्वीकार्यता भारतीय समाज का सबसे बड़ा बदलाव, अभिनय मेरी रोजी रोटी, शौक या जुनून नहीं
मैं अब भी संघर्षशील कलाकार
‘जॉली एलएलबी’ में एडवोकेट प्रमोद कुमार का किरदार करने के बाद से अन्नू कपूर हिंदी सिनेमा में फिर एक बार काफी सक्रिय रहे हैं। वह कहते हैं, ‘हिंदी फिल्म जगत में नाम बनाना आसान नहीं है। सब मेहनत करते हैं और सबकी मेहनत सफल ही हो जाए, ये भी जरूरी नहीं है। मैं खुद को अब भी एक संघर्षशील कलाकार मानता हूं और मुझे परिवार चलाने के लिए अभिनय करना ही होता है। ये मेरी रोजी रोटी है, मेरा शौक या जुनून नहीं।’
वे सौभाग्यशाली लोग हैं
अन्नू कपूर की बेबाकी उस समय और मुखर हो उठती है, जब उनके सिनेमा के दिग्गज सितारों के बारे में चर्चा होती है। अन्नू बताते हैं, ‘अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं कि अमिताभ बच्चन या शाहरुख खान जैसे सितारों के बारे में मेरी क्या टिप्पणी है? या कि मेरा हिंदी सिनेमा के सुपर सितारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? मैं हर बार यही कहता हूं कि ये सब सौभाग्यशाली लोग हैं कि इनकी मेहनत का इन्हें जनता ने पुरस्कार दिया। हजारों दूसरे लोग भी इनके साथ ही फिल्म जगत में आए, लेकिन वे इतने सौभाग्यशाली नहीं रहे।’
सनी लियोन सामाजिक बदलाव की सूचक
अन्नू कपूर ने हाल फिलहाल में ‘ड्रीम गर्ल’, ‘ड्रीम गर्ल 2’, ‘सूरज पे मंगल भारी’ और ‘सब मोह माया है’ में लीक से इतर किरदार किए हैं। वह कहते हैं, ‘सिनेमा यकीनन बदल रहा है। साहित्य की तरह ही सिनेमा भी समाज का दर्पण है और यह भी वही दिखाता है जैसा समाज होता है। समाज में अब सनी लियोन और जैकलीन फर्नांडीज जैसे कलाकारों को लेकर कोई ऐसी वैसी बातें नहीं होती। इनको नए सामाजिक परिवेश में अपना लिया जाना हमारे समाज की सोच में आए बदलाव का बहुत बड़ा सूचक है।’
मेरी प्रयोगधर्मिता जारी रहेगी
अन्नू कपूर कहते हैं, ‘किरदारों के साथ प्रयोग करने का मेरा जज्बा अब भी बरकरार है। लेकिन, मैं किरदारों का चयन इसलिए नहीं कर सकता क्योंकि मैं अब भी अब ऐसी स्थिति में हूं नहीं। मेरे पास जो किरदार आते हैं, मैं उनमें बस ये देखता हूं कि इसमें मुझे अभिनेता के तौर पर क्या कुछ नया करने को मिल रहा है।’