फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

देश में खाली पड़े हैं शिक्षकों के 10 लाख पद, बिहार-यूपी में सबसे ज्यादा टोटा, अन्य राज्यों में ये है स्थिति

Tue, 02 Mar 2021 12:21 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Tue, 02 Mar 2021 12:21 PM IST
विज्ञापन
More Then 10 Lakh Teachers Post Vacant in Govt Schools of India, Bihar and UP on top
सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

दशकों बाद देश में नई शिक्षा नीति आई है। केंद्र सरकार के प्रयासों से उसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए जोर-शोर से तैयारियां भी की जा रही हैं। यहां तक कि कई राज्यों में इसे लेकर समितियां भी बनाई गईं हैं। लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा जब सरकारी स्कूल बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पाएंगे। जब वहां पर्याप्त शिक्षा-संसाधन और सुविधाएं हों, लेकिन पर्याप्त शिक्षा-संसाधन और सुविधाओं की तो बात छोड़ ही दीजिए, देश के सरकारी विद्यालयों में तो पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उपलब्धता ही नहीं है।


देशभर में शिक्षकों के 61 लाख 84 हजार 464 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 10 लाख 60 हजार 139 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। पूरे देश में शिक्षकों का सबसे ज्यादा टोटा तो बिहार और यूपी में हैं। इनके बाद झारखंड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नंबर आता है। चिंतन योग्य बात है कि जब स्कूल में शिक्षा देने वाले पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे तो फिर शिक्षा नीति कैसे अमल में आ पाएगी? नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के तहत की गई भारतीय शिक्षा प्रणाली के ढांचे में आमूल-चूल परिवर्तन की कल्पना कैसे साकार हो पाएगी?  
हाल ही में संसद के पटल पर एक प्रश्न के जवाब में प्रस्तुत किए गए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के एकीकृत आंकड़े पर नजर डालें तो पाते हैं कि पूरे देश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के 10 लाख 60 हजार 139 पद खाली पड़े हैं। ये आंकड़ा स्वयं केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने लोकसभा में बताया था। उन्होंने बताया कि पूरे देश में 2020-21 तक शिक्षकों के 61 लाख 84 हजार 464 पद स्वीकृत हैं। इनमें से फिलहाल, करीब 10 लाख 60 हजार 139 पद रिक्त हैं। 

More Then 10 Lakh Teachers Post Vacant in Govt Schools of India, Bihar and UP on top
teacher

बिहार-उत्तर प्रदेश शीर्ष पर 
आंकड़ों के अनुसार, इनमें बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों राज्य क्रमश: शीर्ष पायदान पर हैं। यहां सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा सबसे ज्यादा है। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 06 लाख 88 हजार 157 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 02 लाख 75 हजार 255 पद खाली हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में भी 02 लाख 17 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। 

More Then 10 Lakh Teachers Post Vacant in Govt Schools of India, Bihar and UP on top
फाइल फोटो

शीर्ष पांच में ये राज्य भी 
ऐसा नहीं है कि सिर्फ बिहार और उत्तर प्रदेश के ही सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हों। देश के अन्य राज्यों में भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति है, लेकिन वहां रिक्त पदों की संख्या इन दोनों राज्यों के अपेक्षा काफी कम है। खाली पदों के आधार पर शीर्ष पांच राज्यों में झारंखड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल का भी नाम हैं। झारखंड में 95 हजार 897 पद खाली हैं तो मध्य प्रदेश में 91 हजार 972 पदों पर रिक्तियां हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के सरकारी विद्यालयों में 91 हजार 972 शिक्षकों की कमी है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
More Then 10 Lakh Teachers Post Vacant in Govt Schools of India, Bihar and UP on top
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

छग, राजस्थान और आंध्र भी पीछे नहीं 
सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों की बात करें तो छत्तीसगढ़, राजस्थान और आंध्र प्रदेश भी दूध के धुले नहीं हैं। यहां भी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों का टोटा है। शिक्षकों के खाली पदों की शीर्षता सूची में छत्तीसगढ़ छठे, राजस्थान सातवें और आंध्र प्रदेश आठवें पायदान पर हैं। छत्तीसगढ़ में 51 हजार 830, राजस्थान में 47 हजार 666 और आंध्र प्रदेश में 34 हजार 888 शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। 
 

विज्ञापन
More Then 10 Lakh Teachers Post Vacant in Govt Schools of India, Bihar and UP on top
ऑनलाइन क्लास - फोटो : पीटीआई

मिजोरम में एक भी पद खाली नहीं
इन सबके उलट देश का पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम एक ऐसा राज्य है जहां सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत पदों में से एक भी पद रिक्त नहीं है। जबकि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के स्वीकृत पदों में से 188 पद खाली हैं तो वहीं लक्षदीप में भी 83 पदों पर रिक्तियां हैं।  

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed