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सुल्ली डील्स एप: ट्विटर पर बनाया था महासभा ग्रुप, हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ बोलने वालों को सबक सिखाना था मकसद
Wed, 12 Jan 2022 11:27 AM IST
शाहरुख खान
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 12 Jan 2022 11:27 AM IST
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Sulli deals app case
- फोटो : सोशल मीडिया
देश विरोधी बातें करने वालों को परेशान करने के लिए सुल्ली डील्स एप बनाई गई थी। आरोपी इन लोगों को परेशान करना चाहते थे। साथ ही हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ बोलने वालों को भी सबक सिखाना था। ये खुलासा सुल्ली डील्स के मास्टरमाइंड व निर्माता ओंकारेश्वर ठाकुर (26) ने पुलिस पूछताछ में किया है। जांच में ये भी बात सामने आई है कि सुल्ली डील्स से पहले ट्विटर हैंडल ग्रुप ट्रेडमहासभा बना था। इसके बाद सुल्ली डील्स एप बनाई गई थी। आरोपी ठाकुर ने सुल्ली डील्स एप बनाते हुए तीन देशों की लोकेशन(आईपी एड्रेस) दिखाई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की यूनिट इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑप्स(आईएफएसओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओंकारेश्वर ठाकुर ने जून-जुलाई में सुल्ली डील्स एप बनाई थी। वहां इस एप को बनाकर देश व हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ बोलने वालों को परेशान करना चाहता था। उसने इस एप पर मुस्लिम महिलाओं को अपमानित करने के लिए करीब 104 फोटो डाली थीं। हालांकि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसका उद्देश्य महिलाओं को अपमानित(बोली लगाना नहीं था) करना नहीं था, बल्कि इन महिलाओं की फोटो डालकर व बोली लगाकर अपने एजेंडे को लेकर सोशल मीडिया में प्रसिद्ध होना चाहता था।
सुल्ली डील्स एप के निर्माता और मास्टरमाइंड इंदौर से गिरफ्तार
- फोटो : ट्विटर एएनआई
जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपियों ने ट्विटर हैंडल पर ट्रेड महासभा ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में देशभर के करीब 50 लोग जुड़े हुए थे। इस ग्रुप पर पर चर्चा करते हुए सुल्ली डील्स बनाने का आइडिया आया था। शुरू में इस ग्रुप से तीन लोग जुड़े थे। 14 लोगों ने बाद में ज्वाइन किया था। बाकी लोग बाद में जुड़े थे।
Sulli deals app case
- फोटो : अमर उजाला।
बुल्लीबाई एप के निर्माता व मास्टरमाइंड नीरज बिश्वनोई भी ओंकारेश्वर के ट्रेड महासभा ग्रुप से जुड़ा हुआ था। नीरज के खुलासे के बाद ही ओंकारेश्वर को गिरफ्तार किया गया है। ओंकारेश्वर ने भी नीरज की तरह सुल्ली डील्स बनाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क(वीपीएन) का इस्तेमाल किया था।
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बुल्ली बाई केस के मुख्य आरोपी नीरज बिश्नोई।
- फोटो : ट्विटर एएनआई
उसने एप को बनाते समय शुरू में पौलेंड की लोकेशन(आईपी एड्रेस) दिखाई थी। बाद में ट्विटर हैंडल पर ग्रुप को बनाते समय लोकेशन न्यूजीलैंड व बांग्लादेश दिखाई थी। वीपीएन पर दो तरह की फ्री व पेड सर्विस होती हैं। आरोपी ओंकारेश्वर ने नीरज की तरह वीपीएन की फ्री सर्विस का इस्तेमाल किया था।
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नीरज बिश्नोई गिरफ्तार
- फोटो : पीटीआई
मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद ओंकारेश्वर ने एप को डिलीट कर दिया था, जबकि नीरज ने बुल्लीबाई एप को डिलीट नहीं किया था। उसे सुरक्षा एजेंसियों ने डिलीट करवाया था। वीपीएन सर्विस को इस्तेमाल करने से इनको लगता था कि ये कभी पकड़े नहीं जाएंगे।