दिल्ली पुलिस के लिए आगामी साल तकनीक प्रधान होगा। दुनिया भर में अपनाई गई तकनीकों को लागू कर दिल्ली को सुरक्षित बनाएगी। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के तकरीबन सभी बाजार व कॉलोनियों को सीसीटीवी की जद में लाए जाने हैं। साइबर अपराधों को रोकना प्राथमिकता होगी। ऑनलाइन शिकायत सिस्टम को मजबूत किया जाएगा। ई-बीट बुक व व्हीकल चेकिंग सिस्टम भी बेहतर तरीके से काम करेगा। सबसे अव्वल यह कि कोरोना काल और मजदूरों के पलायन के दौर में दिल्लीवासियों की मददगार बन 'दिल की पुलिस' कहलाने वाली दिल्ली पुलिस अपनी इस छवि को और भी मजबूत करेगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस के जवानो को प्रशिक्षण दिलाने की योजना है।
ईयरएंडर: हाईटेक होगी 'दिलवाली' दिल्ली पुलिस, तकनीक प्रधान तरीकों के इस्तेमाल पर जोर, प्राथमिकता में साइबर क्राइम
चुनौती:
- नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शाहीन बाग समेत दिल्ली में करीब 14 जगहों पर हुए धरना-प्रदर्शन।
- पांच दिनों तक उत्तर-पूर्वी दिल्ली में चले दंगे। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी भारत यात्रा पर थे।
- कोरोना काल में खुद को संक्रमण से बचाते हुए दिल्लीवासियों को सुरक्षा देना।
- करीब 7500 जवान संक्रमित होने और 32 जवानों ने अपनी जान जाने पर पूरी पुलिस फोर्स का मनोबल बनाए रखना।
उपलब्धि:
- ई-बीट बुक सिस्टम अपनाया। इसमें इलाके की जानकारी होने के साथ बदमाशों का रिकार्ड है। पीसीआर काल सीधे बीट अफसर को मिलती है।
- पुलिस व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम लागू, इससे वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही पता लग जाता है कि वाहन चोरी का है और कहां से चोरी हुई है।
- ऑनलाइन शिकायत सिस्टम शुरू किया गया है। पुलिस सोशल मीडिया से शिकायत लेने लगी।
- दिल्ली पुलिस ने खुद के डेली डायरी सिस्टम को बंद किया। रोजनामचा कंप्यूटराइज्ड हो गया।
- दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से विशेष अनुमति लेकर थानों के मालखाने में जमा प्रॉपर्टी को उनके मालिकों को कैंप लगाकर वापस लौटाया।
- कोरोना काल में मददगार बनी पुलिस। लोगों की जरूरत पडने पर की मदद।
- थाने के अंदर जाने की फरियादी की नहीं रही जरूरत, गेट पर लगे फोन से वह ड्यूटी अफसर व जांच अधिकारी बात कर सकता है।
उम्मीद:
- दिल की पुलिस वाली छवि मजबूत करने के लिए पुलिसकर्मियों का प्रशिक्षिण, मानवीय पुलिसिंग के सिखाए जाएंगे गुर।
- कोरोना कॉल में दिल्ली पुलिस होगी हाईटेक, टाप टू बॉटम पुलिस फोर्स की बढ़ेगी तकनीकी दक्षता।
- साइबर अपराध को काबू पाना है पहली प्राथमिकता।
- सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली के बाजार व कॉलोनियां होंगी सीसीटीवी की जद में
- ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने लिए सड़कों व चौराहों पर कैमरा लगेगा।
भ्रष्टाचार से छूटेगा पाला?
2020 में दिल्ली पुलिस के करीब 20 से ज्यादा अधिकारी व जवानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ज्यादातर पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्जकर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। कई थानाध्यक्ष हटाए गए हैं। जहांगीरपुरी में तो मादक पदार्थ तस्कर से बरामद चरस को ही पुलिसकर्मियों ने दूसरे मादक पदार्थ तस्कर को बेच दिया था। इसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अपने निवारक तंत्र को मजबूत कर दिल्ली पुलिस अपने अंदर के भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने की भी कोशिश करेगी।