चौथी मंजिल से कूदकर आग से जान बचाने वाली सुनीता रविवार दोपहर महर्षि वाल्मीकि अस्पताल से दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल पहुंची।
अगर मजदूरों के साथ न होता ये 4 धोखा, तो शायद जिंदा जलने से बच जाते 17 बेगुनाह
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 22 Jan 2018 12:35 PM IST
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