बवाना की जिस गोदाम में भीषण आग लगी, वहां पर भारी मात्रा में पटाखों को स्टोर किया गया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि गोदाम में अवैध रूप से पटाखों को ऑनलाइन बेचा जा रहा था। जो मजदूर हादसे का शिकार हुए वह ज्यादातर पैकिंग का काम करते थे।
17 इंसानों को जिंदा जला देने वाले बवाना पटाखा फैक्ट्री के बारे में खुली कई रहस्मय बातें
शुजात आलम/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 21 Jan 2018 01:48 PM IST
सार
गोदाम में अवैध रूप से हो रही थी पटाखों की ऑनलाइन बिक्री
बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर पटाखों को किया गया था स्टॉक
-दमकल विभाग विभाग ने आग पर काबू पाकर बिल्डिंग को किया सील
-पुलिस ने लापरवाही और गैर इरादतन हत्या का मामला किया दर्ज
नई दिल्ली।
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