फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर

Fri, 07 Aug 2015 01:10 PM IST
Updated Fri, 07 Aug 2015 01:10 PM IST
विज्ञापन

अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर

Why sachidanand made mahamandaleshwar

राज्य सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के मोह में आए अखाड़ा परिषद ने बार एंड डिस्कोथेक संचालक और बिल्डर सचिन दत्ता को महामंडलेश्वर सच्चिदानंद गिरि बना दिया। सच्चिदानंद अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी का करीबी है। (सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला नोएडा)

अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर

Why sachidanand made mahamandaleshwar

कैलाशानंद राज्य सरकार में प्रभावशाली लोगों के काफी करीबी हैं और उनके संबंध सरकार के उच्च पदस्थ नेताओं से हैं। यह सनसनीखेज खुलासा इलाहाबाद के एक संत ने किया है। इनकी महामंडलेश्वर बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर

Why sachidanand made mahamandaleshwar

उन्होंने बताया कि सचिन को महामंडलेश्वर सिर्फ इसलिए बनाया गया क्योंकि उसकी पैरवी कैलाशानंद ने की थी। कैलाशानंद सपा सरकार के करीबी हैं और अखाड़ा परिषद का काफी काम सरकार से पड़ता है। ऐसे में कैलाशानंद की बात मान ली गई और बार संचालक को महामंडलेश्वर बना दिया गया। यह भी बताया जा रहा है कि महामंलेश्वर बनाने में लाखों का लेनदेन भी हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर

Why sachidanand made mahamandaleshwar

सचिन दत्ता का सच्चिदानंद गिरि नाम से महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक हुआ था। खुद कैलाशानंद अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं और उन्होंने सचिन दत्ता को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनवा दिया। अखाड़ा परिषद से जुड़े महंत का साफ कहना है कि वे कैलाशानंद के उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च संबंधों के झांसे में आ गए और सचिन दत्ता को महामंडलेश्वर बना दिया गया।

विज्ञापन

अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर

Why sachidanand made mahamandaleshwar

ग्लैमर, राजनीति और अध्यात्म का गठजोड़ सत्ता को भी अपने इशारों पर नचाता है और कुंभ मेला इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। अर्धकुंभ या कुंभ के दौरान मेला प्रशासन में किन अफसरों की नियुक्ति होगी, यह महामंडलेश्वर, अखाड़ों के कुछ प्रभावशाली पदाधिकारी जैसे बाबा तय करते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed