अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर
राज्य सत्तारूढ़ राजनीतिक दल के मोह में आए अखाड़ा परिषद ने बार एंड डिस्कोथेक संचालक और बिल्डर सचिन दत्ता को महामंडलेश्वर सच्चिदानंद गिरि बना दिया। सच्चिदानंद अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर कैलाशानंद ब्रह्मचारी का करीबी है। (सौरभ श्रीवास्तव/अमर उजाला नोएडा)
अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर
कैलाशानंद राज्य सरकार में प्रभावशाली लोगों के काफी करीबी हैं और उनके संबंध सरकार के उच्च पदस्थ नेताओं से हैं। यह सनसनीखेज खुलासा इलाहाबाद के एक संत ने किया है। इनकी महामंडलेश्वर बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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उन्होंने बताया कि सचिन को महामंडलेश्वर सिर्फ इसलिए बनाया गया क्योंकि उसकी पैरवी कैलाशानंद ने की थी। कैलाशानंद सपा सरकार के करीबी हैं और अखाड़ा परिषद का काफी काम सरकार से पड़ता है। ऐसे में कैलाशानंद की बात मान ली गई और बार संचालक को महामंडलेश्वर बना दिया गया। यह भी बताया जा रहा है कि महामंलेश्वर बनाने में लाखों का लेनदेन भी हुआ है।
अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर
सचिन दत्ता का सच्चिदानंद गिरि नाम से महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक हुआ था। खुद कैलाशानंद अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं और उन्होंने सचिन दत्ता को निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनवा दिया। अखाड़ा परिषद से जुड़े महंत का साफ कहना है कि वे कैलाशानंद के उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च संबंधों के झांसे में आ गए और सचिन दत्ता को महामंडलेश्वर बना दिया गया।
अब सामने आया क्यों एक बदनाम बिल्डर को बनाया महामंडलेश्वर
ग्लैमर, राजनीति और अध्यात्म का गठजोड़ सत्ता को भी अपने इशारों पर नचाता है और कुंभ मेला इसका जीता-जागता उदाहरण हैं। अर्धकुंभ या कुंभ के दौरान मेला प्रशासन में किन अफसरों की नियुक्ति होगी, यह महामंडलेश्वर, अखाड़ों के कुछ प्रभावशाली पदाधिकारी जैसे बाबा तय करते हैं।