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प्रद्युम्न हत्याकांड: ये हैं वो 4 कारण जिसकी वजह से बालिग माना जा सकता है आरोपी छात्र

Sat, 16 Dec 2017 10:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Sat, 16 Dec 2017 10:33 AM IST
सार

-  काफी गुस्सैल स्वभाव का है छात्र, रिपोर्ट के अनुसार आरोपी पूरी तरह परिपक्व 
- माता-पिता के बीच होने वाले झगड़ों से मानसिक तनाव में रहता था
- एक बार स्कूल के टैंक में जहर मिलाने की बनाई थी योजना

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why minor accuse of pradyuman murder can be considered adult four reasons
- फोटो : अमर उजाला

भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न की हत्या मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की अनुमति प्रदान कर सकता है। इसके संकेत सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट के बाद मिले हैं।

why minor accuse of pradyuman murder can be considered adult four reasons

प्रद्युम्न के अधिवक्ता सुशील टेकरीवाल ने बताया कि शुक्रवार को बोर्ड में सोशल इन्वेस्टिगेशन व साइकलॉजिकल रिपोर्ट को खोला गया है। यह कांफिडेंशियल रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट के बिंदुओं को वह सार्वजनिक नहीं कर सकते। इस रिपोर्ट में कई तथ्य उजागर हुए हैं जिनसे साफ हो रहा है कि आरोपी पूरी तरह से मैच्योर है और वह इस तरह के अपराध की योजना बनाने में सक्षम है।

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- फोटो : अमर उजाला

यह रिपोर्ट सीलबंद होकर बोर्ड के समक्ष पेश की गई थी। शुक्रवार को मामले में बहस से पहले इस रिपोर्ट को खोला गया और अभियोजन व बचाव पक्ष को रिपोर्ट देखने की अनुमति दी गई। सूत्रों ने बताया कि रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट में जुवेनाइल की मानसिक प्रवृति को लेकर कई रिपोर्ट बनाई गई हैं। उसमें न केवल उसके पड़ोस में रहने वाले लोगों बल्कि उसके दोस्तों व स्कूल टीचर से भी जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है।

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(1) सूत्रों ने बताया कि आरोपी छात्र गुस्सैल था और किसी भी बात को लेकर वह बहुत जल्दी गुस्सा हो जाता था। इसके अलावा मां-बाप के बीच होने वाले लगातार झगड़ों से वह मानसिक तनाव में रहता था।

(2) नशे का भी था आदी: एक बार वह शराब के नशे में धुत पाया गया था।

(3) इतना ही नहीं एक बार उसने स्कूल के टैंक में जहर मिलाने की भी योजना तैयार की थी।

(4) इसके अलावा कई अन्य तथ्य भी बोर्ड के समक्ष आए हैं, जिनसे आरोपी की मानसिक स्थिति उजागर होती है। इस रिपोर्ट का आधार ही अब आरोपी छात्र का भविष्य तय करेगी। करीब ढाई घंटे की बहस के बाद बोर्ड ने याचिका पर फैसला 20 दिसंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है।
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