कौन है पंखुड़ी पाठक, जिसने सपा की प्रवक्ता सूची से बाहर होते ही दिया इस्तीफा और मचा बवाल
बाकी मेरे लिए सबसे ज़रूरी है कि मैं अपनी बारे में क्या सोचती हूं। लोगों की सोच तो समय समय पर बदलती रहती है। लेकिन मुझे सबसे पहले अपने आओ को जवाब देना है। इस अपमान और द्वेष से भरे माहौल के बीच मैं खुद को जवाब नहीं दे पा रही थी। कोई भी सभ्य परिवार का व्यक्ति नहीं दे सकता।
बाक़ी मेरे लिए सबसे ज़रूरी है कि मैं अपनी बारे में क्या सोचती हूँ । लोगों की सोच तो समय समय पर बदलती रहती है ।
— Pankhuri Pathak (@pankhuripathak) August 28, 2018
लेकिन मुझे सबसे पहले अपने आओ को जवाब देना है ।
इस अपमान और द्वेष से भरे माहौल के बीच मैं ख़ुद को जवाब नहीं दे पा रही थी ।
कोई भी सभ्य परिवार का व्यक्ति नहीं दे सकता । https://t.co/YYSKRjUD5H
हो सकता है लखनऊ के कुछ वरिष्ठ नेताओं से सम्बन्धों के कारण आपको बस उनका version मिला हो । लेकिन सपा से अपने वैचारिक मतभेद को मैं काफ़ी समय से सोशल मीडिया पर उठा रही हूँ । राष्ट्रीय अध्यक्ष जी द्वारा अपने FB id से ब्राह्मण विरोधी पोस्ट share करने पर मैंने कड़ी आपत्ति जताई थी। https://t.co/19cARPvF62
— Pankhuri Pathak (@pankhuripathak) August 28, 2018