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दिल्ली एनसीआर और एनसीटी का क्या है इतिहास, राजधानी की यह दिलचस्प बातें नहीं जानते होंगे आप
Sat, 20 Jun 2020 07:27 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 20 Jun 2020 07:27 PM IST
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एनसीटी और एनसीआर
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली का नाम जब कभी भी लिया जाता है, तो उसके साथ एनसीटी या एनसीआर का भी उल्लेख होता ही है। कई सरकारी दस्तावेजों पर आपने अक्सर दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन (Government Of NCT Of Delhi) लिखा हुआ देखा होगा। इसके अलावा जब कभी भी राजधानी की चर्चा होती है, आपने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (National Capital Region) का नाम भी सुना होगा। आपके मन में भी अक्सर यह प्रश्न आता होगा कि यह एनसीटी और एनसीआर क्या है। क्या यह दोनों एक ही चीज है या इसमें कोई अंतर है। हम आपको बता रहे हैं क्या है एनसीटी और एनसीआर और इनमें क्या अंतर है?
इंडिया गेट
- फोटो : PTI
स्वतंत्रता के बाद देश के सभी राज्यों को तीन वर्गों में बांटा गया- पार्ट-ए, पार्ट-बी और पार्ट-सी। यहां दिल्ली को पार्ट-सी में रखा गया। साल 1956 तक दिल्ली का कामकाज भी देश के अन्य राज्यों की तरह ही चलता था, लेकिन राज्य पुनर्गठन आयोग आने के बाद राज्यों का बंटवारा एक नए तरीके से किया गया।
लाल किला
- फोटो : PTI
इसमें दिल्ली को केंद्रशासित प्रदेश (UT - Union Territory) घोषित कर दिया गया। इसका यह मतलब हुआ कि दिल्ली में राज्य सरकार और केंद्र सरकार संयुक्त रूप से काम करेंगी। इसके साथ ही दिल्ली में विधानसभा भी भंग कर दी गई थी।
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लाल किला
विधानसभा भंग होने के 35 सालों के बाद 1991 में संविधान के 69वें संशोधन द्वारा दिल्ली में दोबारा विधानसभा का गठन किया गया। इस बीच (35 सालों तक) दिल्ली में विधानसभा चुनाव ही नहीं हुए थे। इस विधेयक में दिल्ली को देश की राजधानी होने के नाते केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष दर्जा दिया गया है। दिल्ली को 01 फरवरी 1992 को नया नाम 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT - National Capital Territory) दिल्ली' दिया गया। ये बदलाव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम (NCT Act) के तहत किया गया।
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जामा मस्जिद
- फोटो : Pexels.com
दिल्ली में 70 विधानसभा सीटें हैं। साल 1991 में आए अधिनियम के हिसाब से केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर शासन करना होता है, यानी यहां संयुक्त प्रशासन होता है। इसी संयुक्त प्रशासन प्रणाली द्वारा काम किए जाने के दौरान कई बार परेशानियों की स्थिति भी बन जाती है।