वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का हुआ उद्घाटन, प्रदूषण कम करने के साथ ही और भी हैं कई खूबियां
केएमपी की खासियत
-एक्सिस कंट्रोल इस हाईवे पर कार चालकों को 30-205 रुपये और ट्रक व बस को 100-690 रुपये टोल टैक्स चुकाना होगा।
-सोनीपत और झज्जर में दो-दो व गुरुग्राम में सुल्तानपुर, पाटली-हाजीपुर और मोकलवास-फाजिलपुर के बीच टोल बूथ।
-इस परियोजना से उत्तरी हरियाणा के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा।
-करीब 50 हजार डीजल चलित भारी वाहन बिना दिल्ली में प्रवेश किए बाहर जा सकेंगे।
-दिल्ली को जाम के साथ प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी।
-केएमपी के दोनों ओर पांच स्मार्ट ग्लोबल सिटी बसेंगी।
केएमपी एक्सप्रेसवे का महत्व
केएमपी एक्सप्रेसवे देश के चार सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों कुंडली (सोनीपत) के पास एनएच-1, बहादुरगढ़ के पास एनएच-10, मानेसर (गुरुग्राम) में एनएच -8 और पलवल के पास एनएच-2 को जोड़ता है। यह एनएच-1 पर दिल्ली की उत्तर दिशा से आने वाले और एनएच 2 पर दिल्ली के दक्षिण की ओर और एनएच-8 से होकर पश्चिम में जानेवाले यातायात को बाईपास कर देगा।
आंकड़े
-परियोजना की लागत आई- 6400 करोड़
-कार्य शुरू करने की तिथि- 24 अगस्त 2016
-लेन की संख्या- 6
-कुंडली से मानेसर तक लंबाई- 83.320 किमी
-पलवल से मानेसर तक लंबाई 53 किमी
-छह लेन में धातु बीम युक्त क्रैश बैरियर (3 फुट चौड़ा) का निर्माण।
-सभी लेन एलईडी/सौर पैनल लाइट फिक्स्चर से सुसज्जित।
-दोनों तरफ हर 500 मीटर पर वर्षा जल संचयन के प्रावधान।
-एक्सप्रेसवे के साथ-साथ ड्रिप सिंचाई के तरीकों का भी उपयोग किया जाएगा
-हर 10 मीटर की दूरी पर स्मारक, प्रस्तर प्रतिमाएं, फव्वारे स्थापित किए जाएंगे।