राजधानी दिल्ली में मानसून की दस्तक के बाद भी अब तक एमसीडी के 32 फीसदी बड़े व 20 फीसदी छोटे नालों की सफाई नहीं हो पाई है। ये एमसीडी के दिए आंकड़े हैं, लेकिन असल में बड़े नाले गाद से भरे हैं इसलिए छोटे नालों में जलनिकासी बाधित है। रविवार को बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव हुआ। निगम ने जलनिकासी के लिए पर्याप्त संख्या में पंप उपलब्ध होने की बात कही है, लेकिन पहली बारिश में ये दावे धरे रह गए। तमाम अंडरपास व सड़कें जलमग्न दिखीं। पूर्वी दिल्ली में निर्माणाधीन दिल्ली-शहारनपुर एलिवेटेड रोड पर जलभराव के चलते कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस रूट पर पिलर के लिए खोदे गए गड्ढे जलमग्न हैं और वाहनों की आवाजाही प्रभावित है।
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पहली बारिश से दावों की खुली पोल
- फोटो : अमर उजाला
एमसीडी के सभी 12 जोनों में कुल 645 नाले हैं, जिनकी लंबाई करीब 520 किमी से अधिक है। निगम के पास चार फुट या इससे कम गहरे नाले हैं और ये बड़े नालों से होकर यमुना में गिरते हैं। इनके अलावा पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग और डीडीए के नाले भी हैं और ज्यादातर नाले एक दूसरे से जुड़े हैं। एमसीडी ने दावा है कि उसके बड़े नालों से गाद निकालने का काम करीब 68 फीसदी पूरा हो गया है, छोटे नालों से गाद निकाले जाने का काम 80 फीसदी से ज्यादा पूरा हो गया है।
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जगह-जगह जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
निगम ने एक और दावा किया है कि जलभराव की स्थिति में पानी की निकासी के लिए संवेदनशील स्थानों पर 500 से अधिक पंप लगाए गए हैं और वह जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन पहली बारिश में दिल्ली का करीब सभी इलाके प्रभावित दिखे। विकास मार्ग पर जगह-जगह जलभराव रहा, मंडावली में हनुमान मार्ग पर रेलवे अंडरपास में पानी भरा रहा। यहां कई वाहन फंसे नजर आए। हर साल यहां जलभराव की स्थिति ऐसी ही रहती है। वेलकम मेट्रो स्टेशन के नीचे जलभराव से लोग परेशान दिखे। जल निकासी के लिए सिविक एजेंसिंयों का समन्वय भी कहीं नहीं दिखा।
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जलभराव में आवागमन बाधित
- फोटो : अमर उजाला
दिलशाद गार्डेन मेट्रो स्टेशन के पास नालों की सफाई करने के बाद गाद अबतक नहीं उठाई है। यही हाल अन्य जगहों पर भी है, बारिश होने पर पुरानी गाद फिर से नालों में जा रही है। तीस हजारी कोर्ट के पास पीडब्ल्यूडी के सफाई कर्मचारी पुराने ढर्रे से नाले की सफाई करते नजर आए। बिना बचाव व सुरक्षा इंतजाम के लोग मलबे में घुसकर सफाई करते दिखे।
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मौसम की पहली बारिश से जलभराव
- फोटो : फाइल फोटो
दिलशाद गार्डेन में पीडब्ल्यूडी के व शाहदरा उत्तरी-दक्षिणी क्षेत्र में एमसीडी के कस्तूरबा ड्रेन, संजय ड्रेन, नांगलोई निलोठी ड्रेन, तैमूर नगर ड्रेन की सफाई का काम बाकी है। यहां पर कई जगहों पर जल्दबाजी में नालों की अधूरी सफाई की जा रही है। यहां नाले में अभी भी पर्याप्त मात्रा में गाद है। तेज बारिश होने पर यहां जलभराव से स्थिति खराब हो सकती है। रानीखेड़ा में हर साल भारी जलभराव होता है, यहां गोकलपुर ड्रेन से गाद निकालने का काम पूरा कर लिया गया है। एमसीडी के मुताबिक जलनिकासी के लिए यहां अतिरिक्त पंप का इंतजाम किया है।