खुद को उत्तर प्रदेश का ‘गोद लिया हुआ बेटा’ बताने वाले प्रधानमंत्री के इस बयान पर जहां सियासी घमासान शुरू हो गया था, वहीं मोदीनगर के नगर पंचायत पतला के पूर्व चेयरमैन योगेंद्र पाल योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही गोद लेने की घोषणा कर दी है।
उन्होंने स्टांप पेपर पर गोदनामा भी तैयार करा लिया है। योगी ने मंगलवार को गाजियाबाद रजिस्ट्रार के समक्ष गोदनामा पेश किया। अब दिक्कत यह है कि उम्रदराज लोगों को गोद लेने का कोई नियम ही नहीं है।
3 of 10
yogendra pal yogi
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गोद लिए जाने के मामले में मंगलवार को गाजियाबाद सदर तहसील स्थित सब-रजिस्ट्रार-थर्ड कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मोदीनगर के गांव पतला में रहने वाले योगेंद्र पाल योगी अपने परिवार के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे और मोदी को गोद लेने के लिए आवेदन दाखिल किया।
4 of 10
yogendra pal yogi
- फोटो : अमर उजाला
करीब एक घंटे बाद ही सब-रजिस्ट्रार ने आवेदन को एक पक्षीय बताते हुए आपत्ति सहित वापस कर दिया। नगर पंचायत पतला के पूर्व चेयरमैन योगेंद्र पाल योगी मंगलवार सुबह अपनी पत्नी अतरकली और सबसे छोटे बेटे प्रदीप के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। मोदी को गोद लिए जाने के लिए उन्होंने नामचीन कवि कृष्ण मित्र के पुत्र हिमांशु लव और मनमोहन लाल वेद के बेटे राकेश लव को अपना गवाह बनाया।
जांच के बाद सब रजिस्ट्रार थर्ड मुकेश सागर ने गोदनामे के इस आवेदन को इस आपत्ति के साथ वापस कर दिया कि यह गोदनामा एक पक्षीय है। गोद लिए जाने वाले व्यक्ति व उसके माता-पिता की सहमति और उनकी उपस्थिति विलेख में नहीं है। योगेंद्र पाल योगी का कहना है कि वह प्रधानमंत्री की सहमति लेने और आपत्ति के निस्तारण के लिए इस आपत्ति पत्र को पीएमओ भेजेंगे।