ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाने में दो महिला पुलिसकर्मी वर्दी के साथ मां होने का फर्ज भी निभा रही हैं। दोनों थाने में अपनी बच्चियों को साथ लेकर आतीं हैं और थाने के काम के साथ साथ बच्चियों की भी देखभाल करती हैं। थाने के अन्य पुलिसकर्मी दोहरी जिम्मेदारी निभा रहीं दोनों महिला कांस्टेबल की न केवल प्रशंसा करते हैं बल्कि समय मिलने पर उनकी बच्चियों के साथ खेलते व खिलाते भी हैं।
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महिला पुलिसकर्मी बच्चों को लेकर दफ्तर में काम करती हुई
- फोटो : अमर उजाला
मूलरूप से मेरठ निवासी महिला कांस्टेबल अनुराधा की ईकोटेक-3 थाने में तैनाती है। अनुराधा की 4 साल की बेटी अभिका है। केजी की छात्रा अभिका की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी अनुराधा पर है। इसके चलते स्कूल के बाद वह अभिका को थाने ले आती है और अपनी ड्यूटी के साथ बेटी को पढ़ाने व देखभाल का काम भी करती है।
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महिला पुलिसकर्मी बच्चों को लेकर दफ्तर में काम करती हुई
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इसी थाने में तैनात बागपत निवासी नीलम चौहान की 7 माह की बेटी है। दूधमुंही बेटी की जिम्मेदारी भी नीलम चौहान पर है। इसके चलते वह भी थाने में ड्यूटी पर आने के दौरान बच्ची को साथ लाती है।
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women police with children in thana
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों को देखकर दूर होता है तनाव
विशेषज्ञों के मुताबिक पुलिस महकमे में काम के बोझ के चलते पुलिसकर्मी अक्सर तनाव ग्रस्त हो जाते हैं। कई बार स्वास्थ्य शिविर में यह बात सामने आती है कि पुलिसकर्मी तनाव के चलते रोगग्रस्त भी हो जाते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण बच्चों से दूर रहना है। माना जाता है कि बच्चों को देखकर न केवल मां-बाप बल्कि दूसरे भी न केवल अपनी समस्याओं को भूल जाते हैं बल्कि तनाव मुक्त हो जाते हैं। ऐसे में दोनों महिला पुलिसकर्मियों का ये प्रयास खुद के साथ अन्य पुलिसकर्मियों का तनाव कम करने का भी काम कर रहा है।
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women police with children in thana
- फोटो : अमर उजाला
ईकोटेक 3 की थाना प्रभारी अनिता चौहान ने बताया कि, दोनों महिला कांस्टेबल थाने पर आकर अपना काम पूरी जिम्मेदारी से करती हैं। मैं जब एक बार दफ्तर में गई और मैंने दोनों को दोहरी जिम्मेदारी निभाते देखा तो मुझे काफी प्रसन्नता हुई। मैं और अन्य पुलिसकर्मी दोनों को प्रोत्साहित करते हैं।