मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बेशक राजनिवास में चल रहे धरने को दिल्लीवालों की लड़ाई बता रहे हों लेकिन मंगलवार सुबह सिविल लाइन रोड पर शुरू हुए संघर्ष में आम दिल्लीवासियों की मौजूदगी कम दिखी। जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के वार्ड स्तर के पदाधिकारियों से लेकर बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास पर लोगों से जुटने की अपील कर रखी थी। आप विधायक अपने चंद समर्थकों के साथ ही मौके पर नजर आए।
केजरीवाल के सड़क के संघर्ष में आम दिल्लीवासियों की मौजूदगी हो रही कम
दरअसल, सोमवार देर रात से ही सोशल मीडिया पर पार्टी नेता अपने स्तर पर अपील कर रहे थे कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कैबिनेट सहयोगियों के साथ राजनिवास में धरने पर बैठे हैं। दिल्लीवालों से गुजारिश है कि वह सुबह 9 बजे सिविल लाइन मेट्रो स्टेशन पर पहुंचे। अपील करने वालों में आप के वरिष्ठ नेताओं से लेकर विधायक, पार्षद, जिला व वार्ड स्तर तक के पदाधिकारी शामिल थे।
भारी भरकम सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजनिवास तक पहुंचने में नाकाम रहने पर आप नेताओं की योजना थी कि मुख्यमंत्री आवास के नजदीक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाई जाए। इसके लिए सुबह मंच भी सजा दिया गया था। फ्लैग स्टाफ रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के नजदीक मंच बनाकर कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ पार्टी नेता पंकज गुप्ता की अगुवाई में प्रार्थना सभा की। लेकिन सड़क के इस संघर्ष में आम दिल्लीवासी नजर नहीं आए। आप विधायकों व मीडिया के भारी जमावड़े के बीच लोगों की संख्या कम रही।
मुख्यमंत्री आवास पर मौजूद आप नेता भी इस बात को लेकर फिक्रमंद दिखे। एक नेता ने बातों-बातों में कहा कि अगर हर विधायक व जिला स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारी अपने साथ पांच-पांच लोगों को लेकर पहुंचते तो फ्लैग स्टाफ रोड पर लोग ही लोग दिखते। उधर, पार्टी का कहना है कि अभी पहला दिन है। धीरे-धीरे आम दिल्लीवासी भी दिल्ली को नौकरशाही के चंगुल से निकालने के संघर्ष में शरीक होते जाएंगे।
संजय सिंह बोले, इस बार फैसला हो जाना चाहिए
दोपहर बाद मुख्यमंत्री आवास पर मीडिया से बात करते हुए आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली के अंदर दिल्लीवालों के हक की लड़ाई मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजनिवास के अंदर बैठकर लड़ रहे हैं और सड़क पर आप कार्यकर्ता इस लड़ाई को लड़ेंगे। इस बार फैसला हो जाना चाहिए। बार-बार जो मामले को टरकाने की प्रवृत्ति है, वह अब नहीं चलेगी।