जैन मुनि तरुण सागर नहीं रहे। तरुण सागर पिछले करीब 20 दिन से बीमार थे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। जैन संत तरूण सागर महाराज शुरू से ही अपने कड़वे प्रवचनों के लिए जाने जाते रहे थे। उन्होंने कई बार कड़वे बयान भी दिए। इसलिए तरुण सागर को 'क्रांतिकारी संत' का तमगा मिल गया था।
एक बार तो रोज सुबह में टीवी चैनलों पर चलने वाले ज्योतिष और पंड़ितों के कार्यक्रमों के प्रसारण को जैन मुनि ने आड़े हाथों लिया था। अपने कड़वे प्रवचनों के लिए पहचाने जाने वाले जैन मुनि तरुण सागर महाराज ने कहा था कि इससे न केवल अंधविश्वास बढ़ता है बल्कि इससे पहले लिखे लोग भी बेवकूफ बन रहे हैं।
जैन मुनि ने कहा था कि ज्योतिषियों और तांत्रिकों के बहकावे में सबसे ज्यादा महिलाएं आती हैं, वे ही उनका शिकार होती है। ऐसे में यदि घर में शांति व समृद्धि चाहते हैं तो पहले उन्हें घर में आने से रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर सुबह टीवी चैनल में लोगों का राशि के अनुसार भविष्य बताया जाता है।
मजेदार बात यह है कि पढ़े लिखे लोग शिकार हो रहे हैं। बताइए कि एक ही राशि के दो लोग, जो अलग अलग समय पैदा हुए हैं, उनका भविष्य एक जैसा कैसा हो सकता है। जैन मुनि ने ट्रिपल तलाक पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर रोक का विरोध करने वाले लोग देश या समाज के नहीं बल्कि महिलाओं के विरोधी हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अगर आतंकवाद को आश्रय देना बंद कर दे, तो सब सही हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीति में शरीफ लोग नहीं आ रहे हैं, वे विकृत हो चुकी हैं। ऐसे में उनका राजनीति में प्रवेश बेहद जरूरी हो गया है। राजनीति और धर्म में संबंध होना बेहद जरूरी है।