बहुचर्चित कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड में आज(10 जून) फैसला सुनाया जाना है। सात में से छह आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। वहीं मामले में सजा का एलान अभी बाकी है। इसी बीच दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने देशभर में हुए दुष्कर्म के मामलों में दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार को 7 सुझाव भी दिए हैं जो ऐसे मामलों का निपटारा करने के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं....
कठुआ दुष्कर्म के दोषियों को मिले फांसी, पीएम मोदी को लिखे खत में स्वाति ने दिए ये 7 सुझाव
ये हैं सात सुझावः
1. अलीगढ के दोषियों को 2 महीने के अंदर फांसी की सज़ा दी जाए ताकि पूरे देश में सख्त सन्देश दिया जा सके।
2. अपराध संशोधन कानून 2018 को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए।
a. सभी संबंधित विभागों पुलिस, मेडिकल प्रोफ़ेशनल, अभियोजन, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और न्यायिक अधिकारियों को न्यायिक प्रक्रिया को त्वरित और प्रभावशाली बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाए
b. देश और दुनिया में अपनाये गए ऐसे तौर तरीकों और कार्यविधि का अध्ययन किया जाए जिन मामलों में बहुत कम समय मे मुकदमा पूरा करके दोषियों को सज़ा दी गयी और उन में से सबसे अच्छे तरीकों को अपनाया जाए
3. जांच कार्य मे लगे हुए पुलिस बल की संख्या बढ़ाई जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कानून व्यवस्था के रखरखाव के लिए उचित पुलिस बल उपलब्ध हो जिससे सार्वजनिक स्थान सुरक्षित हों। देशकी राजधानी में ही अभी 63,000 पूलिस बल की कमी है।
4. पर्याप्त संख्या में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाये जाएं।
5. हर जिले में फॉरेंसिक टेस्ट की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं जिसमे आधुनिक तकनीक उपलब्ध हों, जैसे मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट इत्यादि।
6. हर अदालत में पर्याप्त संख्या में अभियोजकों की नियुक्ति की जाए ताकि हर मामले में उचित ध्यान दिया जा सके जांच में हुई तकनीकी खामियों की वजह से दोषमुक्ति की संख्या शून्य तक लायी जा सके।
7. निर्भया फंड को केंद्र में नौकरशाही के चंगुल से मुक्त करके उसको उचित दिशा-निर्देशों और निगरानी के साथ राज्यों को दे दिया जाए।
आखिर में उन्होंने ये लिखा कि, आप से निवेदन हैं की आप इन सुझावों पर जल्द काम करें। दिल्ली महिला आयोग महिलाओ और बच्चियों की सुरक्षा के लिए हमेशा केंद्र सरकार को हर तरह की सहायता देने में सबसे आगे रहेगा।