लगभग साढ़े मांच महीने के बाद दरियागंज में फिर से किताबों का संसार सज गया है। दरियागंज संडे मार्केट के नाम से प्रसिद्ध किताबों का सबसे बड़ा पटरी बाजार 18 मार्च से ही बंद पड़ा था। लेकिन दिल्ली सरकार की ट्रायल बेस नीति के अनुसार किताबों के इस पटरी बाजार को भी रविवार को खोल दिया गया।
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अभी कम खुली हैं दुकानें...
- फोटो : अमर उजाला
प्रत्येक रविवार दरियागंज पटरी बाजार में दुनियाभर का साहित्य सड़कों पर उपलब्ध रहता है। दिल्ली एनसीआर के कोने-कोने से युवाओं का भारी हुजूम यहां आकर किताबों को खरीद ले जाता है। लेकिन लंबी बंदी के बाद रविवार को यहां पर 4-4 फुट की दूरी पर 60 दुकानें लगाई गई थीं।
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अभी कम हैं ग्राहक...
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इन दुकानों पर इक्का-दुक्का ग्राहक नजर आए। लगभग सबके चेहरे मास्क से ढके हुए थे। सामाजिक दूरी के लिहाज से दो दुकानों के बीच व सामने रस्सियों से घेराबंदी की गई थी। कोरोना महामारी से जबतक निजात नहीं मिलती कमोबेश यहां ऐसी स्थिति ही बने रहने की संभावना है।
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दुकानदारों ने खुशी जताई...
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अभी 90 दुकानें लगाने की मिली है अनुमतिः दरियागंज पटरी बाजार वेलफेयर के अध्यक्ष कमर सईद ने बताया कि यहां 276 दुकानें पंजीकृत हैं जिनमें प्रत्येक रविवार को लगभग 200 दुकानें लगती हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी केवल 90 दुकानें खोलने की अनुमति दी है जिनमें केवल 60 दुकानें ही रविवार को खुलीं।
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दुकानदार चाहते हैं दिन में भी खुलें दुकानें...
- फोटो : अमर उजाला
दिन में दुकानें खोलने की मांगः कमर सईद ने कहा कि अभी उन्हें रविवार को शाम चार बजे से रात 10 बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति मिली है। दुकानदार चाहते हैं कि शाम के बदले उन्हें दिन में दुकानें खोलने की अनुमति मिले क्योंकि अधिकतर ग्राहक सुबह के समय किताबें खरीदने आते हैं।