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सुदीक्षा ने बना राखा था अगले 20 साल का प्लान, अमेरिका से पढ़ाई के बाद करना चाहती थीं ये काम

Tue, 11 Aug 2020 03:24 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 11 Aug 2020 03:24 PM IST
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Sudeeksha bhati accident she wanted to make ngo work for deprived girls had plans for next 20 years
बच्चियों को पढ़ाती सुदीक्षा की तस्वीर और बेटी के गम में रोती मां - फोटो : अमर उजाला

दादरी क्षेत्र के गांव डेरीस्कनर की होनहार छात्रा सुदीक्षा की सोमवार को बुलंदशहर के औरंगाबाद के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। इस दुर्घटना में समाज ने एक ऐसी प्रतिभाशाली और जीवंत युवा को खोया है जिसकी पूर्ति आसान नहीं है। हम ऐसा सिर्फ इसलिए नहीं कह रहे क्योंकि सुदीक्षा अमेरिका से फुल स्कॉलरशिप पाकर पढ़ाई कर रही थी बल्कि उसके अलावा वह कई ऐसे काम कर रही थी जो उसे खास बनाते थे। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए उसने अगले 20 साल तक की कौन सी ऐसी योजना बना रखी थी जो समाज में बड़ा बदलाव ला सकती थी....

Sudeeksha bhati accident she wanted to make ngo work for deprived girls had plans for next 20 years
सुदीक्षा की मां रोते हुए - फोटो : अमर उजाला

लड़कियों को शिक्षित करने का था सपना
सुदीक्षा एक साधारण परिवार से निकलकर शिक्षा के दम पर अमेरिका तक पहुंच गई थी। वह गांव और देश की अन्य लड़कियों को भी शिक्षित करना चाहती थीं। यही कारण था कि अमेरिका से आने पर वह गांव की लड़कियों को पढ़ाती थी। 

Sudeeksha bhati accident she wanted to make ngo work for deprived girls had plans for next 20 years
बच्चियों को पढ़ाती थी सुदीक्षा - फोटो : अमर उजाला

20 साल की एक योजना बनाई थी
सुदीक्षा परिजनों से कहती थी कि उसने 20 साल की एक योजना बनाई है। एनजीओ बनाकर गांव और देश की लड़कियों को शिक्षित करने का काम करेगी। सुदीक्षा का कहना था कि अगर लड़कियां शिक्षित हो जाएंगी तो देश की कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

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sudeeksha bhati - फोटो : अमर उजाला

16 को लौटना था अमेरिका
कोरोना वायरस के कारण सुदीक्षा 14 मार्च को अमेरिका से भारत आ गई थी। तब से अपने घर पर ही थी। 16 अगस्त को उसे वापस अमेरिका जाना था। सुदीक्षा के पिता की चाय की दुकान थी। फिलहाल परचून की दुकान है। वही परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। सुदीक्षा की तीन बहन और दो भाई हैं। वह सबसे बड़ी थी। सभी को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह घर की जिम्मेदारी संभालेगी। तीन साल की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी, लेकिन सुदीक्षा की मौत ने परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया।

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सुदीक्षा भाटी की बचपन की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
करीब चार करोड़ की मिली थी स्कॉलरशिप
जब सुदीक्षा स्कूल में थी तब उच्च स्तर की पढ़ाई के लिए फॉर्म भरवाए गए थे। सुदीक्षा का अमेरिका के नामी बॉबसन कॉलेज में बीबीए के लिए चयन हो गया था। सुदीक्षा ने अमेरिकी सरकार से स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था। उसे 3.80 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। सामान्य परिवार की छात्रा ने स्कॉलरशिप हासिल कर परिवार, क्षेत्र और समाज का नाम रोशन किया था। वह जुलाई, 2018 में अमेरिका गई थी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उनका सम्मान भी किया था।
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