फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

20 साल पहले भोजपुर फर्जी एनकाउंटर में मारे गए चारों युवकों की है दर्दभरी कहानी

Fri, 24 Feb 2017 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोदीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मोदीनगर Updated Fri, 24 Feb 2017 09:48 AM IST
विज्ञापन
story of 4 vioctims killed in bhojpur fake encounter 20 years ago
bhojpur case - फोटो : अमर उजाला

अपने बच्चों के फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भोजपुर एंकाउंटर के मृतकों के पर‌िजनों ने क‌िन पर‌िस्थ‌ित‌ियों में इंसाफ के ल‌िए लड़ाई लड़ी व खुद मृतकों की कहानी क‌ितनी दर्दनाक है इसे जानने के ल‌िए पढ़ें पूरी खबर।

story of 4 vioctims killed in bhojpur fake encounter 20 years ago
bhojpur case - फोटो : अमर उजाला
समझौते के लिए पुलिस ने बनाया दबाव
जवान बेटे प्रवेश को याद कर आज भी बूढ़ी मां शीला की आंखों में आंसू आ जाते हैं। बेटे की तस्वीर को देख उसका हृदय रो पड़ता है। प्रवेश पांच भाईयों में चौथे नंबर पर था। विजयनगर कालोनी की मधुबन कालोनी में रहने वाली 65 वर्षीय वृद्घा शीला बताती है कि धनतेरस को वह पति महेंद्र के साथ शाहदरा एक मौत में गई हुई थी। लौटने पर बहू सुनीता ने बताया कि देवर प्रवेश को कोई बुलाकर ले गया है। दो दिन तक प्रवेश की खैरखबर नहीं मिलने पर उन्होंने मोदीनगर पुलिस को सूचना दी, मगर पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। भैया दूज के दिन पत्रकारों ने आकर बताया कि उनके बेटे को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। अखबार में भी उन्होंने बेटे की फोटो देखी। यह सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए परिवार खुद का मकान बेचकर किराए के मकान में आ गया है। फर्जी मुठभेड़ का खुलासा होने के बाद पुलिस वालों ने समझौते के लिए रुपये देने का भी लालच दिया था।
story of 4 vioctims killed in bhojpur fake encounter 20 years ago
फर्जी एनकाउंटर में मारा गया युवक अशोक - फोटो : अमर उजाला

तीन बहनों का इकलौता भाई था अशोक
फर्जी एनकाउंटर में मारा गया अशोक पुत्र किशन तीन बहनों में इकलौता भाई था और कातिलों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट के चक्कर लगाते हुए पिता किशन सिंह ने 2008 में दम तोड़ दिया। मां शीला बताती है कि बेरहमों ने उसके इकलौते बेटे की कनपटी पर गोली मारी थी। समाचार पत्र में मृत बेटे का फोटो देख उसका कलेजा मुंह में आ गया था। आरोपी दरोगा जोगेंद्र समझौते के लिए आया था। मगर हमने समझौता से इनकार कर दिया था और आरोपी पुलिस वालों को सजा दिलाने के लिए सरधना मेरठ में स्थित जमीन को बेच दिया था। आज दोषियों का दोष सिद्घ होने के बाद कलेजे को ठंडक पहुंची है। मौजूद बहन पुष्पा, बबली और पूनम की आंखों में आज भी आंसू हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
story of 4 vioctims killed in bhojpur fake encounter 20 years ago
bhojpur case - फोटो : अमर उजाला

अल्लाह उन पुलिस वालों को मौत दे
विजय नगर कालोनी में रहने वाला जलालुद्दीन 8 नवंबर को फैक्ट्री जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसका भाई शकील बताता है कि वह पांच भाई थे, शम्सुद्दीन, शकील, छोटे, जफरूद्दीन, इरफान और जलालुद्दीन। जलालुद्दीन दूसरे नंबर पर था। घटना के वक्त वह काफी छोटे थे। दो साल पहले मुकदमा लड़ते-लड़ते उसके पिता मंसूर भी दम तोड़ चुके है। मां शरीफन सबकुछ बेचकर मुकदमा लड़ रही है, मगर इस बात की शांति है कि कोर्ट ने देर में ही सही पुलिस वालों को दोषी तो माना है। अब 22 फरवरी का इंतजार है, जब उन बेरहम पुलिस वालों को मौत की सजा सुनाई जाएगी।

विज्ञापन
story of 4 vioctims killed in bhojpur fake encounter 20 years ago
फर्जी एनकाउंटर में मारा गया युवक जसवीर - फोटो : अमर उजाला

समाचार पत्र में बेटे को ‘बदमाश’ पढ़कर कांप गई रूह
जसवीर उर्फ पप्पू छपाई की फैक्ट्री में नौकरी करता था। छोटी दीपावली को जसवीर का मृत फोटो समाचार पत्र में देख रूह कांप गई। समाचार पत्र में लिखा था कि मुठभेड़ में मारा गया युवक बदमाश था। यह पढ़कर हम सहम गए और चुपचाप बैठ गए थे। यह कहना है कि जसवीर के बड़े भाई वीर सिंह और भाभी उमा का। बिसोखर रोड के पास चाय की दुकान करने वाले वीर सिंह ने बताया कि जसवीर की घटना से चार साल पहले ही बबीता से शादी हुई थी और तीन साल की बेटी ज्योति भी थी। वर्तमान में बबीता ने दूसरी शादी कर ली है जबकि बेटी अपने मामा के पास है। बेटे को न्याय दिलाने के चक्कर में तीन साल जसवीर की मां ब्रह्मकौर भगवान को प्यारी हो चुकी हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed